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UPSRTC: मैजिक पेन के जरिए रोडवेज को चूना लगाने वाले छह परिचालकों पर केस

Sun, 03 Apr 2022 07:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 03 Apr 2022 07:24 PM IST
सार

रिपोर्ट रोडवेज के सिविल लाइंस डिपो के एआरएम सीबी राम की तहरीर पर दर्ज की गई है। इस तहरीर में बताया गया है कि नवंबर, दिसंबर और जनवरी माह के मार्गपत्रों की जांच पड़ताल के दौरान यह हेराफेरी सामने आई।

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UPSRTC: Case on six operators who duped roadways with magic pen
यूपी रोडवेज। - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

टिकटों की बिक्री की रकम का गबन करने के मामले को रोडवेज प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस मामले में अब उसकी ओर से आरोपी छह संविदा परिचालकों के खिलाफ  सिविल लाइंस थाने में एफ आईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि इन सभी ने मैजिक पेन का इस्तेमाल कर टिकटों की बिक्री की रकम में हेरफेर किया। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।

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रिपोर्ट रोडवेज के सिविल लाइंस डिपो के एआरएम सीबी राम की तहरीर पर दर्ज की गई है। इस तहरीर में बताया गया है कि नवंबर, दिसंबर और जनवरी माह के मार्गपत्रों की जांच पड़ताल के दौरान यह हेराफेरी सामने आई।

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कई दिनों तक किया गया लाखों का हेरफेर

गौरतलब है कि मार्गपत्र वह दस्तावेज है जिसमें टिकटों की बिक्री का हिसाब-किताब खुद परिचालकों की ओर से दर्ज किया जाता है। आरोप है कि संदेह होने पर जब मार्गपत्रों की जांच अल्ट्रावायलेट रेज लैंप से की गई तो पता चला कि कुल छह संविदा परिचालकों की ओर से 30 तिथियों में मैजिक पेन का इस्तेमाल कर टिकटों की बिक्री के हिसाब-किताब में हेरफेर किया गया।



इनमें संविदा परिचालक विवेक कुमार यादव, विनय कुमार भारतीय, चंदन यादव, प्रवीण कुमार तिवारी, सुनील कुमार चौधरी और शुभम त्रिपाठी शामिल हैं। सिविल लाइंस पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर सभी के खिलाफ  नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच-पड़ताल की जा रही है।



खत्म की जा चुकी है संविदा
तहरीर में यह भी बताया गया है कि उपरोक्त संविदा परिचालकों को सुनवाई का मौका दिया गया था। लेकिन इनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका। जांच में दोषी पाए जाने पर इनकी प्रतिभूति जब्त करते हुए संविदा समाप्त करने की कार्रवाई की जा चुकी है। मामला सरकारी धन के गबन का है, ऐसे में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

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