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Prayagraj News: 12वीं में कम नंबर आने से परेशान छात्र ने जहरीला पदार्थ खा दी जान
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मृतक गुलशन उर्फ दीपक की फाइल फोटो।
- फोटो : kathua
कौशाम्बी जिले के संदीपन घाट थाना क्षेत्र में 12वीं में कम नंबर आने से परेशान होकर एक छात्र ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसने पिता के पास फोन कर कहा, मैंने जहर खा लिया है, अब नहीं बचूंगा। अगले दिन एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वह घर से करीब पांच किमी दूर भरवारी में किराये का कमरा लेकर पढ़ाई करता था।
कौशाम्बी के संदीपन घाट थाने के रसूलपुर बदेल निवासी सुरेश भट्ठे पर रहकर मजदूरी करते हैं। गुलशन कुमार उर्फ दीपक (18) उनके दो बेटों में सबसे बड़ा था। इस वर्ष उसने 12वीं की परीक्षा दी थी। मामा लवकुश ने बताया कि 25 अप्रैल सुबह करीब 11 बजे गुलशन घर से निकला था। उसके बाद यूपी बोर्ड का परीक्षा परिणाम आया। इसके कुछ घंटे बाद ही उसने अपने पिता के पास फोन कर बताया कि पापा मैंने जहर खा लिया है, अब नहीं बचूंगा, जब तक छात्र के पिता कुछ समझ पाते, तब तक छात्र ने फोन काट दिया।
मामा ने बताया कि जब उनके भांजे को ज्यादा परेशानी होने लगी तो उसने दूसरा फोन अपनी मौसी के बेटे के पास किया। उसने तुरंत किसी नजदीकी अस्पताल में जाने की सलाह दी। उसकी बातों को मानकर गुलशन तुरंत एक पास के क्लीनिक पर गया, जहां उसने जहर खाने की बात बताई। हालत गंभीर होता देख डॉक्टर उसे दूसरे निजी अस्पताल में ले गए। उसके बाद वहां प्राथमिक उपचार कर एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां शनिवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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सुबह शाम कोचिंग होने की वजह से रूम लेकर कर रहा था पढ़ाई
मामा ने बताया कि उनके भांजे के घर से स्कूल की दूरी करीब पांच किमी है। सुबह-शाम दोनों समय उनका भांजा कोचिंग करता था। घर से कोचिंग और स्कूल दूर होने की वजह से भांजा भरवारी में किराये का कमरा लेकर पढ़ाई करता था।
चाचा भैरव ने बताया कि शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे यूपी बोर्ड का रिजल्ट घोषित हुआ था। संभावना है कि छात्र ने अपना रिजल्ट देखा और इसके बाद आत्मघाती कदम उठा लिया। उधर, रविवार को परिजनों के आने के बाद छात्र के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान उसकी आंख, होंठ, नाखून और शरीर का रंग नीला पाया गया। डॉक्टरों ने जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखवाया है।
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कौशाम्बी के संदीपन घाट थाने के रसूलपुर बदेल निवासी सुरेश भट्ठे पर रहकर मजदूरी करते हैं। गुलशन कुमार उर्फ दीपक (18) उनके दो बेटों में सबसे बड़ा था। इस वर्ष उसने 12वीं की परीक्षा दी थी। मामा लवकुश ने बताया कि 25 अप्रैल सुबह करीब 11 बजे गुलशन घर से निकला था। उसके बाद यूपी बोर्ड का परीक्षा परिणाम आया। इसके कुछ घंटे बाद ही उसने अपने पिता के पास फोन कर बताया कि पापा मैंने जहर खा लिया है, अब नहीं बचूंगा, जब तक छात्र के पिता कुछ समझ पाते, तब तक छात्र ने फोन काट दिया।
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मामा ने बताया कि जब उनके भांजे को ज्यादा परेशानी होने लगी तो उसने दूसरा फोन अपनी मौसी के बेटे के पास किया। उसने तुरंत किसी नजदीकी अस्पताल में जाने की सलाह दी। उसकी बातों को मानकर गुलशन तुरंत एक पास के क्लीनिक पर गया, जहां उसने जहर खाने की बात बताई। हालत गंभीर होता देख डॉक्टर उसे दूसरे निजी अस्पताल में ले गए। उसके बाद वहां प्राथमिक उपचार कर एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां शनिवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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सुबह शाम कोचिंग होने की वजह से रूम लेकर कर रहा था पढ़ाई
मामा ने बताया कि उनके भांजे के घर से स्कूल की दूरी करीब पांच किमी है। सुबह-शाम दोनों समय उनका भांजा कोचिंग करता था। घर से कोचिंग और स्कूल दूर होने की वजह से भांजा भरवारी में किराये का कमरा लेकर पढ़ाई करता था।
चाचा भैरव ने बताया कि शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे यूपी बोर्ड का रिजल्ट घोषित हुआ था। संभावना है कि छात्र ने अपना रिजल्ट देखा और इसके बाद आत्मघाती कदम उठा लिया। उधर, रविवार को परिजनों के आने के बाद छात्र के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान उसकी आंख, होंठ, नाखून और शरीर का रंग नीला पाया गया। डॉक्टरों ने जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखवाया है।