वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए सेंटरों पर हंगामा, पोर्टल ने दिया जवाब तो सैकड़ों लौटे
- सामाजिक दूरी का भी नहीं हो सका अनुपालन, जमा रही भारी भीड़
- शहर में सेंटर नहीं मिला तो ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर लगावाया टीका
- दूसरे जिलों से भी पहुंचे लोग, जमकर हुआ हंगामा, कोवैक्सीन की जगह कई को लगी कोविशील्ड
विस्तार
कोविशील्ड की दूसरी डोज लगवाने को लेकर सोमवार को टीकाकरण केंद्रों पर जमकर हंगामा हुआ। पोर्टल ने भी छह हफ्ते में दूसरी डोज लगाने को लेकर आवेदन को स्वीकार ही नहीं किया। इससे सेंटर्स पर पहुंचे बड़े-बूढ़े लोगों को परेशानी हुई और उन्हें बिना टीका लगवाए ही मायूस लौटना पड़ा। हालांकि जो लोग कोवैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने पहुंचे, उनको निराश नहीं होना पड़ा। उधर, टीके की प्रथम डोज लगवाने को लेकर भी केंद्रों पर भीड़ नजर आई।
इसकी वजह से सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ीं। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से लेकर कॉल्विन, डफरिन, दारागंज पीएचसी सहित ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भीड़ देखी गई। दूसरे जिले से भी लोग टीका लगवाने पहुंचे थे। शहरों में सेंटर न मिलने से शहरी ग्रामीण इलाकों के सेंटर्स पर टीका लगवाया। जबकि, ग्रामीणों में इसका उत्साह बहुत ही कम देखा गया। कई सेंटरों से यह भी शिकायतें सामने आईं कि रजिस्ट्रेशन कोवैक्सीन का हुआ लेकिन कोविशील्ड लगा दिया गया। कोविशील्ड जिन्हें लगी, उन्हें दूसरे टीके की डोज के लिए 12 से 16 हफ्ते का समय दिया गया। जबकि कोवैक्सीन की दूसरी डोज के लिए 28 दिन का समय आवंटित किया गया।
सोमवार को जैसे ही टीकाकरण शुरू हुआ। पहली डोज लगवाने वालों के साथ दूसरी डोज के लिए लोग लाइन लगाए खड़े हो गए। उनका विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाने लगा लेकिन पोर्टल ने उसे स्वीकार ही नहीं किया। इससे घंटों लाइन लगाए लोग आगबबूला हो गए और हंगामा करने लगे। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, कॉल्विन, डफरिन, एमडीआई, बेली, दारागंज पीएचसी, नैनी, फाफामऊ केंद्र सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थिति गंभीर हो गई। लोग सामाजिक दूरी का पालन करना भूल गए और एक-दूसरे से सटकर खड़े हो गए।