Uppsc : निर्धारित अर्हता न होने पर इंटरव्यू के लिए आए कई अभ्यर्थियों को लौटाया
आयोग ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के तहत 28 मई को 3620 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें पब्लिक हेल्थ स्पेशियलिस्ट के 30 पद शामिल थे।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में सोमवार को मेडिकल अफसर भर्ती के तहत पब्लिक हेल्थ स्पेशियलिस्ट के पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू देने आए अभ्यर्थियों में से कई को बैरंग लौटा दिया गया। अभ्यर्थियों से कहा गया कि उनके पास निर्धारित अर्हता नहीं है, जबकि आयोग ने ही इंटरव्यू लेटर जारी कर अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया था। आयोग के इस रवैये पर अभ्यर्थियों ने नाराजगी जाहिर की है।
यूपीपीएससी ने 3620 पदों के लिए जारी किया था विज्ञापन
आयोग ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के तहत 28 मई को 3620 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें पब्लिक हेल्थ स्पेशियलिस्ट के 30 पद शामिल थे। इन पदों पर भर्ती के लिए सोमवार को साक्षात्कार होना था, लेकिन बीडीएस, बीएचएसएमएस जैसी डिग्री वाले अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में शामिल नहीं होने दिया गया। अभ्यर्थियों ने कहा गया कि उनके पास अनिवार्य अर्हता नहीं है, क्योंकि साक्षात्कार में शामिल होने के लिए एमबीबीएस की अर्हता अनिवार्य है। अभ्यर्थियों का कहना था कि विज्ञापन में एमबीबीएस के साथ अन्य समकक्ष डिग्री को भी मान्य किया गया था।
बिहार, असम एवं अन्य प्रदेशों से इंटरव्यू में शामिल होने आए अभ्यर्थियों का कहना था कि अगर बैरंग लौटाना था तो स्कीनिंग में ही छंटनी कर देनी चाहिए थी। आयोग ने इंटरव्यू लेटर जारी किए, तभी अभ्यर्थी यहां तक आए। उधर, आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि सीधी भर्ती में ऑनलाइन आवेदन के दौरान तमाम अभ्यर्थी गलत जानकारी भर देते हैं। इंटरव्यू में आवेदन में दी गई जानकारी के आधार पर उनके दस्तावेजों की जांच की जाती है। अगर अभ्यर्थी ने गलत जानकारी भरी है और उसके पास अनिवार्य अर्हता नहीं है तो उसे इंटरव्यू में शामिल नहीं किया जाता। जिन अभ्यर्थियों को लौटाया गया है, उन्होंने अनर्ह होने के बावजूद आवेदन किए थे।