UPPSC : राज्य कृषि सेवा के एक पद पर 153 अभ्यर्थियों की दावेदारी, पांच जिलों के 91 केंद्राें पर होगी परीक्षा
पहले राज्य कृषि सेवा के पदों पर पीसीएस परीक्षा के माध्यम से भर्ती की जाती थी। बाद में राज्य कृषि सेवा का अलग संवर्ग गठित कर दिया गया। इन पदों पर भर्ती के लिए वर्ष 2020 में पहली बार अलग से विज्ञापन जारी किया गया। तब 564 पदों के लिए 73792 अभ्यर्थियों ने दावेदारी की थी।
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सम्मिलित राज्य कृषि सेवा परीक्षा-2024 के तहत 268 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा 18 अगस्त को होने जा रही है। इस बार एक पद के लिए 153 अभ्यर्थियाें ने दावेदारी की है। यानी पिछली भर्ती के मुकाबले इस बार स्पर्धा ज्यादा कठिन होने जा रही है। पिछली भर्ती में एक पद पर 131 अभ्यर्थियों की दावेदारी थी।
पहले राज्य कृषि सेवा के पदों पर पीसीएस परीक्षा के माध्यम से भर्ती की जाती थी। बाद में राज्य कृषि सेवा का अलग संवर्ग गठित कर दिया गया। इन पदों पर भर्ती के लिए वर्ष 2020 में पहली बार अलग से विज्ञापन जारी किया गया। तब 564 पदों के लिए 73792 अभ्यर्थियों ने दावेदारी की थी। हालांकि, अंतिम चयन परिणाम में 461 अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया गया था। 103 पद योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण खाली रह गए थे।
इस बार सम्मिलित राज्य कृषि सेवा परीक्षा-2024 के लिए 40923 अभ्यर्थियों ने दावेदारी की है। पिछली परीक्षा के मुकाबले इस बार पदों के साथ आवेदन करने वालों की संख्या भी कम हुई है,लेकिन एक पद पर दावेदारी की बात करें तो स्पर्धा बढ़ी है। इस बार राज्य कृषि सेवा के एक पद पर 153 अभ्यर्थियों की दावेदारी होगी। यह परीक्षा 18 अगस्त 2024 को उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में आयोजित की जाएगी।
परीक्षा के लिए प्रयागराज समेत लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और मेरठ में कुल 91 केंद्र बनाए गए हैं। यह परीक्षा शासन की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुरूप आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेसों में प्रश्न पत्र छपवाए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से सीधी निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए यूपीपीएससी परिसर में कंट्रोल रूम बनाया गया है और एक टीम का गठन कर ड्यूटी लगा दी गई है।
प्रश्न पत्र डिजिटल लॉक वाले बक्सों में रखकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाए जाएंगे। परीक्षा शुरू होने से कुछ देर पहले लाॅक का कोड बताकर पेपर बक्सों से निकाले जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न पत्र अलग से सील बंद पैकेट में होगा और अभ्यर्थी अपने हाथों से पैकेट खोलेंगे। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक हाजिरी होगी और आइरिस कैप्चरिंग के माध्यम से उनकी पहचान की जाएगी।