प्रयागराज : गलती करने वाले विशेषज्ञों को बाहर करे यूपीएचईएससी, छात्रों ने यूपीएचईएससी के सामने किया प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने हाल ही में गलती करने पर 80 विशेषज्ञों को पैनल से बाहर किया है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि यूपीएचईएएसी भी इसी तर्ज पर गलती करने वाले विशेषज्ञों को पैनल से बाहर करे।
विस्तार
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) की भर्ती परीक्षाओं में पिछले दिनों बड़ी संख्या में गलत प्रश्न पूछे जाने के मामले सामने आए हैं। अभ्यर्थियों ने गलती करने वाले विशेषज्ञों को आयोग के पैनल से बाहर किए जाने की मांग को लेकर शनिवार को धरना-प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने हाल ही में गलती करने पर 80 विशेषज्ञों को पैनल से बाहर किया है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि यूपीएचईएएसी भी इसी तर्ज पर गलती करने वाले विशेषज्ञों को पैनल से बाहर करे। अभ्यर्थियों का कहना है कि विज्ञापन संख्या-47 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में हिंदी विषय के 17 प्रश्न, शिक्षाशास्त्र के 11, रक्षा अध्ययन के आठ प्रश्न गलत होने पर डिलीट किए गए थे।
इसी तरह विज्ञापन संख्या-50 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में गणित के 19 प्रश्न, संस्कृत के सात, अर्थशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान के पांच-पांच प्रश्न डिलीट किए गए। इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न गलत होने सीधे विशेषज्ञों की योग्यता पर सवाल उठ रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब यूपीपीएससी गलती करने वाले विशेषज्ञों का पैनल से बाहर कर सकता है तो यूपीएचएसईएससी क्यों नहीं कर सकता।
विज्ञापन संख्या-49 के तहत प्राचार्य भर्ती परीक्षा नौ प्रश्न डिलीट किए गए थे। अभ्यर्थियों ने आयोग के सचिव को ज्ञापन देकर मांग की कि उत्तरकुंजी विवाद रहित एवं त्रुटिहीन जारी की जाए, जिससे इसका प्रभाव कम से कम प्रश्नों पर पड़े। धरना-प्रदर्शन करने वालों में धर्मेंद्र सिंह, अमित, गोविंद, लालजी त्रिपाठी, अंकिता सेन, तनु मिश्रा, सचिन त्रिपाठी, राकेश यादव, हिमांशु सिंह, आलोक वर्मा, प्रवीण कुमार सिंह आदि शामिल रहे।
परीक्षा तिथि शीघ्र घोषित करने की मांग
असिस्टेंट प्रोफेसर के 981 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुल 90159 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की कि आयोग परीक्षा तिथि एवं इंटरव्यू की तिथि शीघ्र घोषित करे, रोल नंबर का आवंटन रजिस्ट्रेशन क्रम के आधार पर न हो, भर्ती परीक्षा सरकारी एवं स्तरीय परीक्षा केंद्रों में ही हो और परीक्षा केंद्र प्रयागराज के अलावा परीक्षार्थियों की सुविधानुसार अन्य जिलों में भी बनाए जाएं।
इंटरव्यू की कराई जाए वीडियो रिकॉर्डिंग
अभ्यर्थियों ने यह मांग भी की है कि इंटरव्यू की वीडियो रिकार्डिंग कराई जाए। साथ ही फॉर्म संशोधन का एक अवसर दिया जाए और जिस अभ्यर्थी का फॉर्म निरस्त होता है, उसे एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाए। प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि से दो सप्ताह पहले जारी हो और सामान्य अध्ययन के 30 प्रश्नों एवं विषय के 70 प्रश्नों के प्राप्तांक अलग-अलग प्रदर्शित किए जाएं।