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यूपीएचईएससी : पाठ्यक्रम से बाहर पूछा सवाल, अभ्यर्थियों ने की आपत्ति

Sun, 14 Nov 2021 07:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 14 Nov 2021 07:08 PM IST
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UPHESC: Question asked out of syllabus, candidates objected
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग

प्रदेश के अशाकीसय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा के अगले ही दिन अभ्यर्थियों ने सवालों पर आपत्तियां उठानी शुरू कर दी हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) को उत्तरकुंजी जारी करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अभी आधिकारिक रूप से आपत्तियां नहीं मांगी गई हैं, लेकिन अभ्यर्थियों ने इससे पहले ही विवादित सवालों की लंबी फेहरिस्त तैयार कर ली है।

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असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए 13 नवंबर को हुई दूसरे चरण की परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने हिंदी विषय की सिरीज ‘ए’ की बुकलेट में शामिल कई सवालों के विकल्पों को गलत बताया है। प्रश्न संख्या 61 में पूछा गया था, ‘सौभाग्य और दुर्भाग्य मनुष्य की दुर्बलता के नाम हैं’ यह किसका कथन है? विकल्प के तौर पर धुव्रस्वामिनी, कोमा, शकराज एवं चंदगुप्त के नाम दिए गए थे। अभ्यर्थियों का दावा है कि प्रश्न संख्या 61 का कथन ध्रुवस्वामिनी नाटक से है, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम के नाट्य खंड में शामिल छह नाटकों में ध्रुवस्वामिनी है ही नहीं। अभ्यर्थियों की मांग है कि जो पाठ निर्धारित पाठ्यक्रम में नहीं है, उससे इतर पाठ के प्रश्न को हटाया जाना चाहिए।

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कई प्रश्नों को दो विकल्प सही
इसी तरह प्रश्न संख्या 50 में पूछा गया था कि श्री रामानुजाचार्य की भक्ति किस भाव की है? विकल्प में दिया था, दास्य भाव, सख्य भाव, दांपत्य भाव एवं इनमें से कोई नहीं। अभ्यर्थियों का दावा है कि दास्य भाव और सख्य भाव दोनों ही सही हैं, क्योंकि श्री रामानुजाचार्य वैष्णव मत के प्रचारक थे और वैष्णव मत में ईश्वर विषयक मान्यता में दास्य एवं सख्य दोनों भाव तिरोहित हैं।  

प्रश्न संख्या 48 में पूछा गया था, दक्षिण के अलवार संत किस शाखा से संबंधित माने जाते हैं? विकल्प था, प्रेममार्गी, ज्ञानमार्गी, रामभक्ति शाखा एवं कृष्णभक्ति शाखा। अभ्यर्थियों का दावा है कि विकल्पों में से कोई भी तथ्य हिंदी साहित्य के किसी भी प्रामाणिक पुस्तक में उपलब्ध नहीं है। इसलिए भी कि अलवार वैष्णव भक्ति शाखा से संबंधित हैं, जबकि राम और कृष्ण दोनों ही विष्णु के अवतार हैं।

अन्य सवालों पर उठीं आपत्तियां

प्रश्न संख्या 26 - कौन सा सही सुमेलित नहीं है?
विकल्प- डैम्पा अभ्यारण-मिजोरम, वाल्मीकि रिजर्व-बिहार, रोहला राष्ट्रीय उद्यान-हिमाचल प्रदेश, गांधी सागर अभ्यारण-राजस्थान
अभ्यर्थियों का दावा- डैम्पा की जगह सही शब्द डंपा या डैंपा होगा। वाल्मीकि रिजर्व शब्द अपूर्ण है। सही शब्द वाल्मीकि टाइगर रिजर्व या वाल्मीकि बाघ अभ्यारण होगा

प्रश्न संख्या 21 - महाराजा रणजीत सिंह का जन्म किस ‘मिस्ल’ में हुआ था?
विकल्प- डलेनालिया, फुलकिया, सुक्कर चकिया, अहरुवालिया
अभ्यर्थियों का दावा- सुक्कर चकिया की जगह सही शब्द सुकर चकिया होगा

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