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यूपी बोर्डः एनसीईआरटी गाइडलाइन के आधार पर ही कोर्स में कटौती
Thu, 09 Jul 2020 08:53 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 09 Jul 2020 08:53 PM IST
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एनसीईआरटी
- फोटो : Social Media
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कोरोना संक्रमण के चलते यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस बात को ध्यान में रखकर बोर्ड ने भी एनसीईआरटी की ओर से तैयार गाइडलाइन का पालन करने का फैसला किया है। गाइडलाइन में कहा गया है कि कोर्स से उन चैप्टर को परीक्षा से बाहर किया जाएगा, जो विद्यार्थी पूर्व की कक्षाओं में पढ़ चुके हैं।
यूपी बोर्ड की ओर से जिन चैप्टरों को परीक्षा से बाहर किया जा रहा है, बच्चों को उनको घर पर पढ़कर उनके प्रोजेक्ट बनाने होंगे। साथ ही इन चैप्टर से सवाल नहीं पूछे जाएंगे। इस बारे में प्रदेश सरकार की ओर से गठित कमेटी अध्ययन कर रही है। इसकी रिपोर्ट आते ही शासन स्तर से घोषणा की जाएगी। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल का कहना है कि कम समय में कोर्स पूरा करने के लिए हमें पाठ्यक्रम में कुछ कटौती करनी ही होगी।
एनसीईआरटी की गाइडलाइन पर काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों को जो कोर्स छात्रों के लिए अनुपयोगी लगेगा, उसे ही बाहर किया जाएगा। इसके लिए 30 एवं 20 फीसदी का कोई पैमाना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनसीईआरटी के पैटर्न पर ही हम हटाए गए चैप्टर से छात्रों से सेल्फ स्टडी करके प्रोजेक्ट तैयार करने को कहेंगे।
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यूपी बोर्ड की ओर से जिन चैप्टरों को परीक्षा से बाहर किया जा रहा है, बच्चों को उनको घर पर पढ़कर उनके प्रोजेक्ट बनाने होंगे। साथ ही इन चैप्टर से सवाल नहीं पूछे जाएंगे। इस बारे में प्रदेश सरकार की ओर से गठित कमेटी अध्ययन कर रही है। इसकी रिपोर्ट आते ही शासन स्तर से घोषणा की जाएगी। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल का कहना है कि कम समय में कोर्स पूरा करने के लिए हमें पाठ्यक्रम में कुछ कटौती करनी ही होगी।
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एनसीईआरटी की गाइडलाइन पर काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों को जो कोर्स छात्रों के लिए अनुपयोगी लगेगा, उसे ही बाहर किया जाएगा। इसके लिए 30 एवं 20 फीसदी का कोई पैमाना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनसीईआरटी के पैटर्न पर ही हम हटाए गए चैप्टर से छात्रों से सेल्फ स्टडी करके प्रोजेक्ट तैयार करने को कहेंगे।
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