UP Bar Council : एक दिन से अधिक हड़ताल के लिए काउंसिल की स्वीकृति जरूरी
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने प्रदेश के सभी जिलों की तहसील बार एसोसिएशन से कहा है कि वह एक दिन से अधिक हड़ताल पर नहीं जा सकती हैं। अगर बार एसो. एक से अधिक दिनों तक हड़ताल पर जाती है तो इसके लिए बार काउंसिल की स्वीकृति लेनी होगी।
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उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने प्रदेश के सभी जिलों की तहसील बार एसोसिएशन से कहा है कि वह एक दिन से अधिक हड़ताल पर नहीं जा सकती हैं। अगर बार एसो. एक से अधिक दिनों तक हड़ताल पर जाती है तो इसके लिए बार काउंसिल की स्वीकृति लेनी होगी।
यह निर्णय शनिवार को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चेयरमैन मधुसूदन त्रिपाठी की अगुवाई में लिया गया। सचिव इमरान माबूद खान ने बताया कि इस बारे में सभी बार एसो. को पत्र भी जारी कर दिया गया है। बार ने यह आदेश हाईकोर्ट में आ रहे हड़ताल से संबंधित मुकदमों में पारित आदेशों के अनुक्रम में लिया है।
यूपी बार काउंसिल के एक सदस्य पद के लिए छह प्रत्याशी मैदान में
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के एक रिक्त पद के लिए रविवार को चुनाव होगा। इसके लिए कुल छह प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान बैलेट पेपर के जरिये कराया जाएगा। इसमें बार काउंसिल के सभी सदस्य वोट देंगे।
सदस्य पद के लिए दावेदारों में अनिल प्रताप सिंह, अनिमेष मित्तल, ओम नारायण त्रिपाठी, भानु प्रताप पांडेय, श्रवण सिंह, विनोद कुमार पांडेय के नाम शामिल हैं। मतदान दोपहर तीन बजे से होगा।सचिव इमरान माबूद खान के मुताबिक मतदान के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। यह पद लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता एआर खान की जगह भरा जाएगा। दिसंबर में अधिवक्ता एआर खान नहीं रहे। सदस्य पद के लिए एक दावेदार ऐसे भी हैं, जिन पर कई मुकदमे दर्ज हैं।
अध्यक्ष मधुसूदन त्रिपाठी के मुताबिक जून 2022 में बार काउंसिल ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी, लेकिन अधिवक्ता ने ऑल इंडिया बार काउंसिल के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर आदेश पर रोक लगाने की मांग की। ऑल इंडिया बार काउंसिल ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आदेश पर रोक लगाते हुए अधिवक्ता की सदस्यता को बरकरार रखा है। इस वजह से वह चुनाव लड़ रहे हैं।