प्रतिबंधों के साथ 78 दिनों बाद आज से खुलेंगे धर्मस्थल, जानें क्या-क्या बरतनी होगी सावधानी
- प्रतिमाओं को स्पर्श करने पर रहेगी रोक, न बाहर का भोग लगेगा न होगा प्रसाद वितरण
- एक साथ पांच से अधिक लोगों को मंदिरों-मस्जिदों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी
- भक्त मंदिर में ही तैयार किया हुआ भोग भगवान को चढ़ा सकेंगे।
- सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पुजारी प्रसाद का भोग लगाएंगे। पुजारी भी ग्लब्स और मास्क लगाए बिना प्रवेश नहीं कर सकेंगे। उन्हें बार-बार हाथों को सैनिटाइज करना होगा
- मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
- धर्मस्थलों में प्रवेश करने वालों को मास्क या फेस कवर लगाना अनिवार्य होगा।
- एक-दूसरे के बीच में कम से कम छह फीट की दूरी जरूरी होगी।
- श्वसन संबंधी शिष्टाचार के तहत छींक या खांसी पर रूमाल या टिशू पेपर का इस्तेमाल जरूरी होगा।
- सार्वजनिक स्थलों पर थूकना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
- मस्जिदों, गिरजाघरों और गुरुद्वारों में भी एक साथ सिर्फ पांच लोग ही प्रवेश कर सकेंगे।
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लॉकडाउन के दौरान बंद हुए मठ, मंदिर, मस्जिद समेत अन्य धर्मस्थल प्रतिबंधों के साथ 78 दिनों बाद सोमवार से खुलेंगे। रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न धर्मगुरुओं के साथ बैठक करके शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराने का अनुरोध किया।
मंडलायुक्त रमेश कुमार, आईजी जोन केपी सिंह, डीएम भानुचंद्र गोस्वामी और एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने धर्मगुरुओं के साथ दो चरणों में बैठक कर आठ जून से धर्मस्थलों को खोलने के लिए श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुविधाओं और कोविड से बचाव के लिए किए जाने वाले उपायों की जानकारी दी। साथ ही कोरोना महामारी से बचाव के लिए जागरूकता के उपाय किए जाने पर भी जोर दिया।
कहा गया कि प्रसाद वितरण और पवित्र जल के छिड़काव से बचा जाए। ऐसी स्थितियों से बचा जाए जिससे लोगों का आपस में स्पर्श हो। साथ ही मैट और चटाई बिछाने के प्रयोग से भी बचा जाए। धर्म गुरुओं से अनुरोध किया गया कि धर्मालयों में ‘एनांउंसमेंट’ के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ सैनिटाइजर, हाथ धोने की व्यवस्था कराई जाए।
बैनर, पोस्टर, स्टैंडी और फ्लेक्स आदि लगाकर श्रद्धालुओं को कोविड से बचाव की जानकारी दी जाए। सभी को आरोग्य सेतु तथा आयुष कवच कोविड एप डाउनलोड करने के लिए जागरूक किया जाए। एसएसपी ने कहा कि भीड़ किसी भी दशा में जुटे। इसके प्रबंध किए जाएं, यदि जरूरत पड़े तो तुरंत पुलिस की सहायता ली जा सकती है।
सभी धार्मिक स्थलों की सफाई के साथ सैनिटाइजेशन का काम कराया गया है। सैनिटाइजेशन के बाद देर शाम मंदिरों में दर्शन-पूजन की तैयारियां पूरी कर ली गईं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के कपाट विधि-विधान से पूजा-अर्चना आरती के साथ आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा खुल्दाबाद के महामंत्री सरदार प्रीतम सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे को सैनिटाइज कराया गया है।
बड़े हनुमान मंदिर के अलावा वेणी माधव, अलोप शंकरी,रामजानकी मंदिर केअलावा गंगा आरती स्थल को सैनिटाइज कराया गया। ललिता देवी, कल्याणी देवी को भी सैनिटाइज कराया गया। अलौकिक शनिधाम परिसर को पीठाधीश्वर प्रवीण महाराज ने सैनिटाइज कराया। सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन के प्रबंधक सच्चिदानंद मिश्र के मुताबिक मंदिर परिसर में थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है।