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विवि छात्रसंघ चुनाव में आयोग बना मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 12 Sep 2015 01:37 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में भी लोक सेवा आयोग मुद्दा बनने जा रहा है। इस संबंध में पूर्व पदाधिकारियों तथा अन्य नेताओं की शनिवार को बैठक भी बुलाई गई है। उसमें आयोग के अध्यक्ष को हटाने तथा भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग के नाम पर चुनाव लड़ने की घोषणा की जाएगी। इस बैठक में समाजवादी छात्र सभा को छोड़कर अन्य छात्र संगठन के छात्र नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। बैठक में सभी की ओर से संयुक्त पैनल पर चुनाव लड़ने पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी।
छात्रसंघ चुनाव की 27 या 28 सितंबर को संभावित तिथि घोषित होने के बाद परिसर का माहौल पूरी तरह से बदल गया है। हालांकि शुक्रवार को भी चुनाव अधिकारी के नाम की घोषणा नहीं हो पाई, लेकिन परिसर में चुनावी शोर सुनाई देने लगा है। छात्रसंघ भवन पर लग्जरी गाड़ियों का जमावड़ा शुरू हो गया है। पैनल से चुनाव लड़ने की जोड़तोड़ भी शुरू हो गई है। छात्र नेताओं का एक वर्ग वोट का बंटवारा रोकने के लिए अलग-अलग पदों पर दावेदारी कर रहे विद्यार्थियों को एक मंच पर लाने की कोशिश में जुटा है।
इसके लिए लोक सेवा आयोग को लेकर चल रहे आंदोलन को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। उनकी तरफ से यह भी कोशिश है की प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से 20 सितंबर को प्रस्तावित चेतावनी सभा विश्वविद्यालय परिसर में ही आयोजित हो। इस पूरी कवायद के बीच शनिवार को एक हॉस्टल में बैठक बुलाई गई है। इसमें छात्रसंघ चुनाव में सीधी दखलांदाजी रखने वाले पुराने तथा वर्तमान छात्र नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
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छात्रसंघ चुनाव की 27 या 28 सितंबर को संभावित तिथि घोषित होने के बाद परिसर का माहौल पूरी तरह से बदल गया है। हालांकि शुक्रवार को भी चुनाव अधिकारी के नाम की घोषणा नहीं हो पाई, लेकिन परिसर में चुनावी शोर सुनाई देने लगा है। छात्रसंघ भवन पर लग्जरी गाड़ियों का जमावड़ा शुरू हो गया है। पैनल से चुनाव लड़ने की जोड़तोड़ भी शुरू हो गई है। छात्र नेताओं का एक वर्ग वोट का बंटवारा रोकने के लिए अलग-अलग पदों पर दावेदारी कर रहे विद्यार्थियों को एक मंच पर लाने की कोशिश में जुटा है।
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इसके लिए लोक सेवा आयोग को लेकर चल रहे आंदोलन को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। उनकी तरफ से यह भी कोशिश है की प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से 20 सितंबर को प्रस्तावित चेतावनी सभा विश्वविद्यालय परिसर में ही आयोजित हो। इस पूरी कवायद के बीच शनिवार को एक हॉस्टल में बैठक बुलाई गई है। इसमें छात्रसंघ चुनाव में सीधी दखलांदाजी रखने वाले पुराने तथा वर्तमान छात्र नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
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