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फूलबाग पार्क में अंडरग्राउंड पार्किंग का रास्ता साफ
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 25 Aug 2016 02:20 AM IST
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सजा सुनने के बाद भाग
- फोटो : amar ujala
इलाहाबाद। कानपुर के गणेश पार्क (फूलबाग) में अंडर ग्राउंड पार्किंग बनाने का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने मैग्सेसे अवार्डी संदीप पांडेय की जनहित याचिका खारिज करते हुए कानपुर विकास प्राधिकरण को पार्किंग बनाने की सशर्त इजाजत दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि पार्किंग का निर्माण पार्क के मूल स्वरूप में किसी प्रकार की छेड़छाड़ के बिना किया जाए। याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति दिलीप बी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने सुनवाई की।
कोर्ट ने कहा है कि पार्क में एक भी पेड़ काटा नहीं जाएगा। पार्किंग में एक्जास्ट लगाया जाए मगर उसका असर पार्क पर नहीं पड़ना चाहिए। पार्किंग का कोई भी दूसरा व्यवसायिक उपयोग नहीं होगा। इसका पचास प्रतिशत हिस्सा पार्क में आने वाले लोगों के लिए किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि चूंकि पार्किंग वहां की आवश्यकता है इसलिए इसे रोका नहीं जा सकता है।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि शहर में खुली जगह का अभाव होने के बावजूद केडीए फूलबाग में मल्टी लेबल अंडर ग्राउंड पार्किंग बनाकर इसके मूल स्वरूप में छेड़छाड़ कर रहा है। यह पर्यावरण के लिए हानिकारक है। केडीए का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने कहा कि पार्क के सुंदरीकरण की विस्तृत योजना तैयार की गई है। पार्क में पेड़, पौधे लगाए जाएंगे, जागिंग ट्रैक और सुंदरीकरण किया जाएगा।
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पार्क का हिस्सा डंपिंग यार्ड में तब्दील हो चुका है। पार्किंग पार्क के नीचे रहेगी और इससे पार्क के स्वरूप में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 1800 वर्ग मीटर में पार्क को विकसित करने की योजना है। इसमें आने वाले लोगों के लिए तमाम सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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कोर्ट ने कहा है कि पार्क में एक भी पेड़ काटा नहीं जाएगा। पार्किंग में एक्जास्ट लगाया जाए मगर उसका असर पार्क पर नहीं पड़ना चाहिए। पार्किंग का कोई भी दूसरा व्यवसायिक उपयोग नहीं होगा। इसका पचास प्रतिशत हिस्सा पार्क में आने वाले लोगों के लिए किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि चूंकि पार्किंग वहां की आवश्यकता है इसलिए इसे रोका नहीं जा सकता है।
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याचिका में आरोप लगाया गया था कि शहर में खुली जगह का अभाव होने के बावजूद केडीए फूलबाग में मल्टी लेबल अंडर ग्राउंड पार्किंग बनाकर इसके मूल स्वरूप में छेड़छाड़ कर रहा है। यह पर्यावरण के लिए हानिकारक है। केडीए का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने कहा कि पार्क के सुंदरीकरण की विस्तृत योजना तैयार की गई है। पार्क में पेड़, पौधे लगाए जाएंगे, जागिंग ट्रैक और सुंदरीकरण किया जाएगा।
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पार्क का हिस्सा डंपिंग यार्ड में तब्दील हो चुका है। पार्किंग पार्क के नीचे रहेगी और इससे पार्क के स्वरूप में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 1800 वर्ग मीटर में पार्क को विकसित करने की योजना है। इसमें आने वाले लोगों के लिए तमाम सुविधाएं विकसित की जाएंगी।