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Prayagraj News: आंधी-तूफान से दो की मौत, 24 मकान जमींदोज
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बृहस्पतिवार को देर रात हुई तेज बारिश से परेड क्षेत्र में पानी मेंडूबे ओपेन एयर जिम।अमर उ
- फोटो : shiv tripathi
संगम नगरी में बृहस्पतिवार रात दो बजे आए आंधी-तूफान से दो लोगों की मौत हो गई। अलग-अलग तहसीलों में 24 मकान जमींदोज हो गए। आपदा में सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 10 मवेशियों की भी जान चली गई है।
राहत की बात बस इतनी रही कि तूफान रात के दो बजे के बाद आया, जब लोग घरों के भीतर थे। अन्यथा जनहानि का आंकड़ा और बड़ा हो सकता था। बिगड़ते मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने नागरिकों से बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। आंधी-तूफान आते ही सुरक्षित स्थान पहुंचने पर जोर दिया है।
आपदा के कारण कोरांव तहसील के अंबेडकरनगर गांव में विजय कुमार नामक युवक की जान चली गई। उधर, बारा के गढ़वा कला गांव में राधा नाम की महिला की मौत हो गई। हालांकि, राधा के परिजनों ने शव का पंचनामा नहीं कराया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पंचनामा न कराने पर नियमानुसार उन्हें आपदा राहत कोष से मुआवजा नहीं मिल सकेगा। इसके अलावा, मलबे की चपेट में आने से मेजा में चार और कोरांव में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, इस तूफान ने बेजुबानों पर भी कहर ढाया है। कोरांव में तीन, करछना में चार, जबकि मेजा, बारा और सोरांव में एक-एक पशु की मौत दर्ज की गई है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई परिवारों के सिर से छत छिन गई। अकेले कोरांव में 14 मकान ध्वस्त हो गए, जबकि मेजा व करछना में चार-चार और सोरांव व बारा में एक-एक मकान को भारी क्षति पहुंची है। प्रभावित इलाकों में राजस्व टीमों को तैनात कर दिया गया है।
अगले 24 घंटे के लिए चेतावनी
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि अगले 24 घंटे जिले के लिए बेहद संवेदनशील हैं। फिर से तेज आंधी और तूफान आने की आशंका है। लोग अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। भूलकर भी कच्चे मकानों, टिनशेड या पुराने पेड़ों की आड़ न लें। उन्होंने आश्वस्त किया कि बीती रात हुई जनहानि के पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। शेष प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे के आधार पर राहत पहुंचाई जा रही है।
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राहत की बात बस इतनी रही कि तूफान रात के दो बजे के बाद आया, जब लोग घरों के भीतर थे। अन्यथा जनहानि का आंकड़ा और बड़ा हो सकता था। बिगड़ते मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने नागरिकों से बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। आंधी-तूफान आते ही सुरक्षित स्थान पहुंचने पर जोर दिया है।
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आपदा के कारण कोरांव तहसील के अंबेडकरनगर गांव में विजय कुमार नामक युवक की जान चली गई। उधर, बारा के गढ़वा कला गांव में राधा नाम की महिला की मौत हो गई। हालांकि, राधा के परिजनों ने शव का पंचनामा नहीं कराया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पंचनामा न कराने पर नियमानुसार उन्हें आपदा राहत कोष से मुआवजा नहीं मिल सकेगा। इसके अलावा, मलबे की चपेट में आने से मेजा में चार और कोरांव में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, इस तूफान ने बेजुबानों पर भी कहर ढाया है। कोरांव में तीन, करछना में चार, जबकि मेजा, बारा और सोरांव में एक-एक पशु की मौत दर्ज की गई है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई परिवारों के सिर से छत छिन गई। अकेले कोरांव में 14 मकान ध्वस्त हो गए, जबकि मेजा व करछना में चार-चार और सोरांव व बारा में एक-एक मकान को भारी क्षति पहुंची है। प्रभावित इलाकों में राजस्व टीमों को तैनात कर दिया गया है।
अगले 24 घंटे के लिए चेतावनी
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि अगले 24 घंटे जिले के लिए बेहद संवेदनशील हैं। फिर से तेज आंधी और तूफान आने की आशंका है। लोग अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। भूलकर भी कच्चे मकानों, टिनशेड या पुराने पेड़ों की आड़ न लें। उन्होंने आश्वस्त किया कि बीती रात हुई जनहानि के पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। शेष प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे के आधार पर राहत पहुंचाई जा रही है।