Prayagraj : पड़ोसी की हत्या में सात साल से फरार दो इनामी भाई महाराष्ट्र से गिरफ्तार, बन गए थे बाउंसर
गिरफ्तार हत्यारोपी प्रशांत उर्फ मोनू उर्फ विभास शुक्ला और उसका भाई रजत उर्फ प्रभात शुक्ला निवासी अटखरिया थाना मेजा हैं। एसटीएफ फील्ड इकाई प्रयागराज के निरीक्षक जय प्रकाश राय को सूचना मिली थी कि मेजा में 2017 में हत्या के बाद फरार 50-50 हजार के इनामी अपराधी महाराष्ट्र के ठाणे में छिपकर रह रहे हैं।
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पट्टीदार की हत्या कर सात साल से फरार 50-50 हजार के इनामी दो भाइयों को एसटीएफ और एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। दोनों वहां सिक्योरिटी एजेंसी में बाउंसर की नौकरी कर रहे थे। एक हत्यारोपी ग्राम प्रधान भी रहा था। दोनों को प्रयागराज लाया जा रहा है।
गिरफ्तार हत्यारोपी प्रशांत उर्फ मोनू उर्फ विभास शुक्ला और उसका भाई रजत उर्फ प्रभात शुक्ला निवासी अटखरिया थाना मेजा हैं। एसटीएफ फील्ड इकाई प्रयागराज के निरीक्षक जय प्रकाश राय को सूचना मिली थी कि मेजा में 2017 में हत्या के बाद फरार 50-50 हजार के इनामी अपराधी महाराष्ट्र के ठाणे में छिपकर रह रहे हैं। एसटीएफ ने दोनों को नीलकंठ वुड्स, मुल्ला बाग ठाणे से गिरफ्तार कर लिया।
बकौल एसटीएफ, पूछताछ में प्रशांत ने बताया है कि 2017 में वह ग्राम प्रधान निर्वाचित हुआ था। इसे लेकर पट्टीदार शंकर शुक्ला उससे रंजिश रखता था। दोनों में कई बार विवाद भी हुआ। 18 जून 2017 को परानीपुर घाट से बालू खरीद कर आते वक्त शंकर को ओवरटेक कर उसने भाई रजत संग रोका और गोली मारकर हत्या कर दी।
वारदात के बाद दोनों कुछ समय तक भदोही और लखनऊ में छिपकर रहे। इसके बाद परिवार के साथ 2021 में मुंबई चले गए और ठाणे स्थित डीएसएस मैनपॉवर एंड सप्लाई सिक्योरिटी कंपनी में बाउंसर का काम करने लगे। प्रशांत पर हत्या के प्रयास के दो मुकदमे समेत तीन अन्य केस भी मेजा थाने में दर्ज हैं। एसटीएफ अफसरों ने बताया कि ट्रांजिट रिमांड बनवाकर दोनों को प्रयागराज लाया जा रहा है।