{"_id":"680e92ac8e21cb993b04c4a4","slug":"treatment-of-complex-mental-diseases-started-in-srn-hospital-allahabad-news-c-358-1-pr11004-124306-2025-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: एसआरएन अस्पताल में जटिल मानसिक रोगों का उपचार शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: एसआरएन अस्पताल में जटिल मानसिक रोगों का उपचार शुरू
विज्ञापन
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के न्यूरोलॉजी विभाग में जटिल मानसिक और न्यूरोलॉजिकल रोगों का इलाज अत्याधुनिक मशीन आरटीएमएस (रीपिटेटिव ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन) के जरिये शुरू हो गया है। इस सुविधा से प्रयागराज ही नहीं, बल्कि आसपास जिलों के मरीजों को भी राहत मिलेगी।
एसआरएन में इस तरह की तकनीक अब तक उपलब्ध नहीं थी। इसके माध्यम से बिना दवाइयों के मरीजों के उपचार का दावा है।
एसआरएन के न्यूरोलॉजी विभाग में 26 और 27 अप्रैल को दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें आरटीएमएस की जानकारी दी गई।
आयोजन डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह (सह आचार्य, मानसिक रोग विभाग) व डॉ. कमलेश कुमार सोनकर (विभागाध्यक्ष न्यूरोलॉजी) के संयुक्त मार्गदर्शन में हुई।
मुख्य वक्ता किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के एडिशनल प्रो. डॉ. सुजीत कुमार ने कहा, आरटीएमएस एक नॉन-इनवेसिव तकनीक है, जो उपचार प्रतिरोधी अवसाद, ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी), न्यूरोपैथिक दर्द, माइग्रेन, स्ट्रोक आदि मानसिक विकारों का प्रभावी उपचार करता है।
उन्होंने कहा, इस तकनीक का उपयोग प्रशिक्षित मनोचिकित्सक या न्यूरोलॉजिस्ट की निगरानी में ही होना चाहिए।
इस दौरान मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वत्सला मिश्रा, एसआरएन मुख्य अधीक्षक डॉ. अजय कुमार सक्सेना, डॉ. मोहित जैन, डॉ. वीके सिंह व डॉ. कमलेश कुमार सोनकर, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, डॉ. अनुराग वर्मा, डॉ. अर्चना ओझा मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसआरएन में इस तरह की तकनीक अब तक उपलब्ध नहीं थी। इसके माध्यम से बिना दवाइयों के मरीजों के उपचार का दावा है।
एसआरएन के न्यूरोलॉजी विभाग में 26 और 27 अप्रैल को दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें आरटीएमएस की जानकारी दी गई।
आयोजन डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह (सह आचार्य, मानसिक रोग विभाग) व डॉ. कमलेश कुमार सोनकर (विभागाध्यक्ष न्यूरोलॉजी) के संयुक्त मार्गदर्शन में हुई।
मुख्य वक्ता किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के एडिशनल प्रो. डॉ. सुजीत कुमार ने कहा, आरटीएमएस एक नॉन-इनवेसिव तकनीक है, जो उपचार प्रतिरोधी अवसाद, ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी), न्यूरोपैथिक दर्द, माइग्रेन, स्ट्रोक आदि मानसिक विकारों का प्रभावी उपचार करता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, इस तकनीक का उपयोग प्रशिक्षित मनोचिकित्सक या न्यूरोलॉजिस्ट की निगरानी में ही होना चाहिए।
इस दौरान मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वत्सला मिश्रा, एसआरएन मुख्य अधीक्षक डॉ. अजय कुमार सक्सेना, डॉ. मोहित जैन, डॉ. वीके सिंह व डॉ. कमलेश कुमार सोनकर, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, डॉ. अनुराग वर्मा, डॉ. अर्चना ओझा मौजूद रहीं।
विज्ञापन