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प्राइमरी शिक्षकों का शहर से ग्रामीण क्षेत्र में ट्रांसफर गलत, हाईकोर्ट ने दिया यह आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Mon, 05 Nov 2018 08:24 PM IST
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फाइल फोटो
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हाईकोर्ट ने कहा है कि परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का नियम विरुद्ध तरीके से ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में या शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में स्थानांतरण गलत है। इस संबंध में बेसिक एजूकेशन (टीचर्स) सर्विस रूल्स के नियम 21 के प्रावधानों के तहत ही स्थानांतरण किया जा सकता है। कोर्ट ने ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में स्थानांतरित शिक्षकों की याचिका पर यथास्थिति का आदेश देते हुए विभाग को याचीगण के प्रत्यावेदन पर नियमानुसार विचार करने का निर्देश दिया है।
हेमा यादव और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याचीगण का कहना था कि वह शहरी क्षेत्र में स्थित विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं। 31 अगस्त 2018 को उनका स्थानांतरण ग्रामीण क्षेत्र में कर दिया गया। याचिका में कहा गया कि सेवा नियमावली के नियम 21 के अनुसार किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण शहरी से ग्रामीण या ग्रामीण से शहरी क्षेत्र के लिए नहीं किया जा सकता है, जबतक कि शिक्षक ने अपनी सहमति न दी हो।
स्थानांतरण बेसिक शिक्षा परिषद की अनुमति से ही हो सकता है। याचीगण ने कोई सहमति नहीं दी थी और न ही आवेदन किया था। बेसिक शिक्षा परिषद के अधिवक्ता ने कहा कि इस मामले में तथ्यों के पड़ताल की आवश्यकता है कि याचीगण शहरी क्षेत्र में कार्यरत थे या ग्रामीण क्षेत्र में। उनको अपनी शिकायतें अधिकारियों से करनी चाहिए। कोर्ट ने स्थानांतरण के मामले में यथास्थिति का आदेश देते हुए याचीगण के प्रत्यावेदन पर निर्णय लेने को कहा है।
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हेमा यादव और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याचीगण का कहना था कि वह शहरी क्षेत्र में स्थित विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं। 31 अगस्त 2018 को उनका स्थानांतरण ग्रामीण क्षेत्र में कर दिया गया। याचिका में कहा गया कि सेवा नियमावली के नियम 21 के अनुसार किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण शहरी से ग्रामीण या ग्रामीण से शहरी क्षेत्र के लिए नहीं किया जा सकता है, जबतक कि शिक्षक ने अपनी सहमति न दी हो।
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स्थानांतरण बेसिक शिक्षा परिषद की अनुमति से ही हो सकता है। याचीगण ने कोई सहमति नहीं दी थी और न ही आवेदन किया था। बेसिक शिक्षा परिषद के अधिवक्ता ने कहा कि इस मामले में तथ्यों के पड़ताल की आवश्यकता है कि याचीगण शहरी क्षेत्र में कार्यरत थे या ग्रामीण क्षेत्र में। उनको अपनी शिकायतें अधिकारियों से करनी चाहिए। कोर्ट ने स्थानांतरण के मामले में यथास्थिति का आदेश देते हुए याचीगण के प्रत्यावेदन पर निर्णय लेने को कहा है।
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