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सूबेदारगंज में पटरी से उतरी ट्रेन, पांच सायरन बजे तो भागे अफसर
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सूबेदारगंज में पटरी से उतरी ट्रेन, पांच सायरन बजे तो भागे अफसर
प्रयागराज। प्रयागराज जंक्शन पर सुबह 11.30 बजे के आसपास एक के बाद एक पांच सायरन बजे। एक साथ पांच सायरन बजने के बाद कंट्रोल रूम के फोन भी घनघनाने लगे। मालूम पड़ा कि सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन की लाइन नंबर नौ पर प्रयागराज-नई दिल्ली स्पेशल का एक कोच पटरी से उतर गया है और दूसरे में लाग लग गई है। आनन फानन में रेलवे के तमाम अफसर भी सूबेदारगंज स्टेशन पहुंच गए। वहां पहुुंचने के बाद मालूम हुआ कि वहां एनडीआरएफ की मदद से मॉक ड्रिल किया जा रहा है। खास बात यह रही कि मॉक ड्रिल की सूचना डीआरएम समेत चुनिंदा अफसरों को ही थी।
दरअसल पिछले दिनों दुर्ग-उधमपुर स्पेशल में आग लगने और अलीगढ़ के निकट एक ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना को देखते हुए प्रयागराज मंडल द्वारा अपनी आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने की तैयारी की गई। इसके लिए एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस की भी मदद ली गई। शनिवार सुबह 11.30 बजे के आसपास सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन के दिल्ली छोर की ओर लाइन नौ पर पटरी से उतरने के साथ- साथ ट्रेन में आग लगने के बाद यात्रियों के बचाव प्रक्रिया का मॉकड्रिल किया गया। पूर्व में इसकी खबर रेलवे के चुनिंदा अफसरों को ही थी।
सुबह जब एक के बाद एक पांच सायरन बजा तो रेल महकमे में हड़कंप मच गया। अमूमन पांच सायरन बजने का मतलब यही होता है कि कहीं कोई बड़ा रेल हादसा हुआ है। सायरन बजते ही तमाम लोगों ने कंट्रोल रूप से संपर्क साधा। वहां भी यही सूचना दी गई कि सूबेदारगंज में प्रयागराज-नई दिल्ली स्पेशल (काल्पनिक ट्रेन) पटरी से उतर गई है। जंक्शन से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन, मेडिकल वैन भी मौके पर भेजी गई। हालांकि सूबेदारगंज स्टेशन पहुंचने के बाद जब मालूम हुआ कि यह मॉकड्रिल है तब कहीं जाकर लोगों के जाने में जान आई। इस बीच वहां भी काफी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। वहां एनडीआरएफ की मदद से कटर की मदद से कोच को काटने एवं उसमें फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का अभ्यास किया गया। दिन में दो बजे तक यहां अभ्यास प्रक्रिया चली।
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प्रयागराज। प्रयागराज जंक्शन पर सुबह 11.30 बजे के आसपास एक के बाद एक पांच सायरन बजे। एक साथ पांच सायरन बजने के बाद कंट्रोल रूम के फोन भी घनघनाने लगे। मालूम पड़ा कि सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन की लाइन नंबर नौ पर प्रयागराज-नई दिल्ली स्पेशल का एक कोच पटरी से उतर गया है और दूसरे में लाग लग गई है। आनन फानन में रेलवे के तमाम अफसर भी सूबेदारगंज स्टेशन पहुंच गए। वहां पहुुंचने के बाद मालूम हुआ कि वहां एनडीआरएफ की मदद से मॉक ड्रिल किया जा रहा है। खास बात यह रही कि मॉक ड्रिल की सूचना डीआरएम समेत चुनिंदा अफसरों को ही थी।
दरअसल पिछले दिनों दुर्ग-उधमपुर स्पेशल में आग लगने और अलीगढ़ के निकट एक ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना को देखते हुए प्रयागराज मंडल द्वारा अपनी आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने की तैयारी की गई। इसके लिए एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस की भी मदद ली गई। शनिवार सुबह 11.30 बजे के आसपास सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन के दिल्ली छोर की ओर लाइन नौ पर पटरी से उतरने के साथ- साथ ट्रेन में आग लगने के बाद यात्रियों के बचाव प्रक्रिया का मॉकड्रिल किया गया। पूर्व में इसकी खबर रेलवे के चुनिंदा अफसरों को ही थी।
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सुबह जब एक के बाद एक पांच सायरन बजा तो रेल महकमे में हड़कंप मच गया। अमूमन पांच सायरन बजने का मतलब यही होता है कि कहीं कोई बड़ा रेल हादसा हुआ है। सायरन बजते ही तमाम लोगों ने कंट्रोल रूप से संपर्क साधा। वहां भी यही सूचना दी गई कि सूबेदारगंज में प्रयागराज-नई दिल्ली स्पेशल (काल्पनिक ट्रेन) पटरी से उतर गई है। जंक्शन से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन, मेडिकल वैन भी मौके पर भेजी गई। हालांकि सूबेदारगंज स्टेशन पहुंचने के बाद जब मालूम हुआ कि यह मॉकड्रिल है तब कहीं जाकर लोगों के जाने में जान आई। इस बीच वहां भी काफी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। वहां एनडीआरएफ की मदद से कटर की मदद से कोच को काटने एवं उसमें फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का अभ्यास किया गया। दिन में दो बजे तक यहां अभ्यास प्रक्रिया चली।
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