रोक दिया गया ट्रैफिक, अटकी रही पुलिस की सांसें
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घटना के बाद मौके पर जबरदस्त तनाव फैल गया। मृतकों के परिजनोें के साथ ही मोहल्ले के लोग भी बेहद आक्रोशित थे। मौके पर जुटी भीड़ हमलावरों के घरों पर धावा बोलने की बात कर रही थी। जिस पर अफसरों के कान खड़े हो गए। मौके पर पहुंचे एसएसपी, एसपी सिटी व एएसपी ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। मौके पर भीड़ बढ़ती ही जा रही थी और इसे नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट रहे थे। मामले की सूचना मिलते ही डीआईजी केपी सिंह व एडीजी एसएन साबत भी मौके पर पहुंच गए। दोनों अफसरों ने पहुंचते ही खुद मोर्चा संभाला। मृतकों के परिजनों के साथ ही मोहल्ले के लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। कहा कि आरोपी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।
पुलिसकर्मियों की लापरवाही की बात पर आश्वासन दिया कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। तब जाकर स्थिति में कुछ सुधार आया। हालांकि इसके बाद भी मृतकों के रिश्तेदारेां व परिजनों का आक्रोश कम नहीं हुआ। उधर लोगों के आक्रोश को देखते हुए अफसर बवाल की भी आशंका में सहमे रहे। जिसके बाद घटनास्थल के पास से जीटी रोड पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। एसपी ट्रैफिक कुलदीप सिंह मयफोर्स ट्रैफिक को नियंत्रित करते रहे। करीब एक घंटे बाद माहौल शांत होने पर यातायात सुचारू हो सका।
पथराव कर रहे युवक को एडीजी ने दबोचा
अफसर अभी आक्रोशित लोगों को शांत करा ही रहे थे कि तभी एक हमलावर अपने घर की छत पर खड़ा दिखाई दिया। जिसके बाद भीड़ में खड़े एक युवक ने उस पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। यह देख पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि एडीजी जोन ने साहस का परिचय देते हुए पथराव करने वाले युवक को दबोच लिया। उन्हें ऐसा करते देख पुलिसकर्मी भी हरकत में आए और फिर आरोपी युवक को पकड़कर डायल 100 की गाड़ी में बैठा लिया। बाद में यह पता चलने पर कि वह मृतकों का ही एक रिश्तेदार था, उसे छोड़ दिया गया।
लाठी पटककर खदेड़े गए तमाशबीन
उधर मौके पर भारी फोर्स देखकर राहगीर भी खौफजदा रहे। इस दौरान घटनास्थल के आसपास के साथ ही चौफटका ओवरब्रिज पर भी तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई। जिन्हेें बार-बार कहने के बावजूद हटाया नहीं जा सका। जिसके बाद अफसरों के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने लाठियां पटककर उन्हें खदेड़ा।ञ