Prayagraj : हेतापट्टी पुल बनाने में सेना व किसानाें की होगी भूमि होगी अधिग्रहित, ढाई साल में पूरा होगा निर्माण
हेतापट्टी से सलोरी तक गंगा नदी के ऊपर तीन किलोमीटर लंबे पुल को सूबे की योगी सरकार ने मंजूरी दे दी है। जिससे पुराने हो चुके शास्त्री ब्रिज पर भारी वाहनों का आवागमन समाप्त हो जाएगा।
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हेतापट्टी से सलोरी तक गंगा नदी के ऊपर तीन किलोमीटर लंबे पुल को सूबे की योगी सरकार ने मंजूरी दे दी है। जिससे पुराने हो चुके शास्त्री ब्रिज पर भारी वाहनों का आवागमन समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा झूंसी, जौनपुर, मछली शहर, गोरखपुर सहित पूर्वाचल की तरफ से आने वाले लोगों को घंटों जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी। मगर इस पुल को बनाने में सेना और किसानों की भूमि अधिग्रहण का पेंच फंस सकता है। वैसे सूत्रों की मानें तो करीब 13 हेक्टेयर की भूमि किसानों और सेना की अधिग्रहित करनी पड़ सकती है। वैसे इस फोर लेन पुल को बनाने में कुल 890 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस पुल को सेगमेंटल बॉक्स के आधार पर तैयार किया जाएगा। जिसकी वजह से पुल को बनाने में कम खर्च व कम समय लगेगा। क्योंकि इस सेगमेंट में पिलर से लेकर बीम तक पहले से तैयार होती है, जिसे सही जगह पर बैठाना होता है। ऐसे में पुल को बनाने में जो लंबा समय लगता है, वह कम इस सेगमेंट की वजह से आधा हो जाता है। सेतु निगम ने इस पुल को तैयार करने में ढाई साल का समय शासन से मांगा है।
इतना हीं नहीं तीन किलोमीटर लंबे इस पुल में कोई घुमाव नहीं होगा। बता दें कि सलोरी से हेतापट्टी के बीच पुल निर्माण के बाद हेतापट्टी को लखनऊ के गोमती नगर की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। फोर लेन के इस पुल की यही से शुरूआत होगी, जो हेतापट्टी तक जाएगा। इसके अलावा थरवई, बहरिया, सिकंदरा, फैजुल्लापुर, सहसों, रामनगर, गारापुर, सराय चंडी सहित जौनपुर की ओर से आने वाले वाहनों को शास्त्री पुल आने की जरूरत नहीं होगी।
प्रयागराज-गोरखपुर के सफर में डेढ़ घंटे की होगी बचत
गंगा नदी पर हेतापट्टी-सलोरी पुल के बनने से प्रयागराज-गोरखपुर का सफर आसान हो जाएगा। करीब डेढ़ घंटे का समय इस सफर के दौरान कम लगेगा। क्योंकि रात के समय नो इंट्री में फंसकर लोगों का काफी समय बर्बादा होता है। वहीं प्रयागराज-गोरखपुर के अलावा जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, सहसों, बहरिया, फूलपुर, प्रतापपुर आदि क्षेत्रों के लोगों को काफी समय बचेगा।
क्या होता है सेगमेंटल बॉक्स
सेगमेंटल बॉक्स गर्डर ब्रिज, प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) से बना एक खंडीय पुल होता है। यह छोटे-छोटे खंडों से मिलकर बना होता है। इन खंडों को कास्ट-इन-सीटू या प्रीकास्ट/प्रीफ़ैब्रिकेटेड तरीके से बनाया जा सकता है। इनका इस्तेमाल अधिकांश हाईवे और रेलवे निर्माण में किया जाता है।
कैबिनेट से पुल को मंजूरी मिल गई है। वहीं जैसे ही शासनादेश आता है, पुल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इस पुल के बनने से शास्त्री ब्रिज पर लगातार बढ़ रहा भारी वाहनों का बोझ कम होगा। - अनुरूद्ध यादव, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम।