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Prayagraj : जिले के तीन लाख स्कूली बच्चे पढ़ेंगे पॉक्सो का पाठ, एकेडमिक कैलेंडर में पहली बार शामिल हुआ कानून
Sun, 05 Apr 2026 03:40 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 05 Apr 2026 03:40 PM IST
सार
बेसिक शिक्षक परिषद की ओर से जारी अकादमिक कैलेंडर में पहली बार पहली से आठवीं तक के विद्यार्थी पॉक्सो का पाठ पढ़ेंगे। इसके तहत अब छोटे बच्चों को भी उनकी उम्र के अनुसार संवेदनशील तरीके से सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में पढ़ाया जाएगा।
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बेसिक शिक्षा परिषद।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
बेसिक शिक्षक परिषद की ओर से जारी अकादमिक कैलेंडर में पहली बार पहली से आठवीं तक के विद्यार्थी पॉक्सो का पाठ पढ़ेंगे। इसके तहत अब छोटे बच्चों को भी उनकी उम्र के अनुसार संवेदनशील तरीके से सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में पढ़ाया जाएगा। जिले के 2832 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब तीन लाख छात्र-छात्राओं को इस नई पहल का लाभ मिलेगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए शिक्षकों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। इसमें बच्चों को गुड टच-बैड टच, निजी सीमाओं की समझ, खतरे की पहचान और किसी भी असहज स्थिति में मदद लेने के तरीकों के बारे में सरल भाषा में समझाया जाएगा।
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नेशनल मेंटर शत्रुंजय शर्मा ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में डर पैदा करना नहीं बल्कि उन्हें जागरूक, सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना है। बच्चों को यह भी बताया जाएगा कि यदि वे किसी प्रकार की अनुचित हरकत का सामना करते हैं तो वे बिना झिझक अपने अभिभावकों व शिक्षकों से बात करें। साथ ही शिकायत करने के अधिकार और कानूनी संरक्षण के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
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शिक्षक इस विषय को पढ़ाते समय पूरी संवेदनशीलता और सावधानी बरतेंगे ताकि बच्चों पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव न पड़े। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय पॉक्सो की जानकारी देना बेहद जरूरी है। ऐसे में स्कूलों में पॉक्सो को लेकर बच्चों को जागरूकता का पाठ पढ़ाया जाएगा। स्कूल के शिक्षक बच्चों को जागरूक करेंगे।
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यह सिखाया जाएगा
सही और गलत स्पर्श (गुड टच-बैड टच) की पहचान।
निजी अंगों और व्यक्तिगत सीमाओं की समझ।
किसी भी असहज स्थिति में ‘ना’ कहना और वहां से हटना।
खतरे को पहचान कर तुरंत भरोसेमंद व्यक्ति को बताना।
हेल्पलाइन और सहायता के तरीकों की जानकारी।