Prayagraj : सीबीआई अफसर बनकर ठगी करने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार, साइबर सेल ने दबोचा
साइबर सेल पुलिस टीम ने फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। यह काफी समय से लोगों को सीबीआई अफसर बनकर ठगने का कार्य कर रहे थे।
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सीबीआई और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर लोगों को धमकाकर ठगी करने वाले तीन सदस्यीय गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सितंबर में धूमनगंज की एक महिला से 1.15 लाख रुपये हथियाने वाले आरोपी कानपुर देहात से दबोचे गए। आरोपियों के खिलाफ अयोध्या, गोंडा और कुशीनगर जिलों में भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज है। पुलिस ने तीनों को शुक्रवार को जेल भेज दिया।
डीसीपी गंगानगर एवं साइबर क्राइम प्रभारी कुलदीप सिंह गुनावत के मुताबिक, साकेतनगर की महिला को 10 सितंबर को एक अंजान नंबर से कॉल आया था। कॉलर ने खुद को एसपी लखनऊ बताकर महिला पर गूगल क्रोम पर गंदी और अश्लील सामग्री देखने का आरोप लगाया। साथ ही धमकी दी कि उसकी आपत्तिजनक फोटो व वीडियो सोशल मीडिया, टीवी चैनल और अखबारों में वायरल करा दिए जाएंगे। भयभीत महिला ने उनके कहने पर यूपीआई के जरिए 1.15 लाख रुपये भेज दिए।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और मोबाइल लोकेशन व ट्रांजेक्शन डिटेल की मदद से पता चला कि घटना के पीछे कानपुर देहात का गैंग सक्रिय है। इसके बाद छापेमारी कर पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवमोहन उर्फ लालू चौहान, निवासी नरायनपुरवा थाना अकबरपुर, और उसके साथी दीपक सिंह व मोहन सिंह को गिरफ्तार किया।
छानबीन में गैंग के पास से पांच एंड्रॉयड, पांच कीपैड मोबाइल, छह सिम कार्ड, एक चेकबुक और एक पासबुक बरामद हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी किसी जिले के मोबाइल नंबरों के आगे-पीछे अंक बदलकर यूपीआई पर सर्च करते थे। फिर फर्जी पहचान बनाकर कॉल करते और अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपये वसूल लेते थे। साइबर पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान में जुटी है।