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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

Fri, 23 Oct 2020 03:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 23 Oct 2020 03:12 PM IST
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Those who made objectionable remarks regarding Prime Minister Narendra Modi did not get relief from the High Court
प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में और धार्मिक सद्भाव को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां करने के आरोपी आगरा के अशद खान को राहत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में हस्तक्षेप करने से मना करते हुए याचिका खारिज कर दी है। अशद खान ने प्राथमिकी को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने सुनवाई की। 
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याची के खिलाफ आगरा के सचेंद्र शर्मा ने जगदीशपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री को लेकर आपत्ति जनक टिप्पणियों को न सिर्फ लाइक और शेयर किया बल्कि कमेंट भी किए। इन टिप्पणियों में दो समुदायों के बीच शत्रुता बढ़ाने, साम्प्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ने, राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कथन किए गए हैं। इसके लिए उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए और बी तथा 505 (1) (बी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। 
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याची का कहना था कि वह छात्र है और उसे झूठे आरोपों में फंसाया गया है। उसने कोई अपराध नहीं किया है। सिर्फ फेसबुक पर कुछ टिप्पणियों को लाइक किया है। याचिका का विरोध कर रहे शिकायतकर्ता के वकील बाल कृष्ण पांडेय और अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम एके संड ने कहा कि याची ने न सिर्फ पोस्ट लाइक किए हैं बल्कि आपत्ति जनक कमेंट और शेयर भी किए हैं।
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कोर्ट में सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के रिकार्ड भी पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि इस मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध किया जाना दिखाई दे रहा है। याचिका पर हस्तक्षेप करने और राहत देने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।
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