गजब : महिला डॉक्टर का आईफोन छीनकर थाने पहुंचा चोर, रात भर बैरक में सोया रहा, लोकेशन मिलने पर मचा हड़कंप
कर्नलगंज में एसआरएन अस्पताल की महिला डॉक्टर नीतू गुप्ता का आईफोन बाइकसवार बदमाश ने छीन लिया। चौंकाने वाली बात यह कि इसके बाद वह कर्नलगंज थाने पहुंचा और बैरक में सो गया। उधर ट्रेस करने पर डॉक्टर के नंबर की लोकेशन थाने में मिली तो हड़कंप मचा।
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कर्नलगंज में एसआरएन अस्पताल की महिला डॉक्टर नीतू गुप्ता का आईफोन बाइकसवार बदमाश ने छीन लिया। चौंकाने वाली बात यह कि इसके बाद वह कर्नलगंज थाने पहुंचा और बैरक में सो गया। उधर ट्रेस करने पर डॉक्टर के नंबर की लोकेशन थाने में मिली तो हड़कंप मचा। जिसके बाद उसे आननफानन में गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को उसे जेल भेज दिया गया। घटना आठ अप्रैल की रात की है।
नीतू पुत्री एमएल गुप्ता एसआरएन अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में तैनात हैं। वह मूल रूप से बांदा की रहने वाली हैं। आठ अप्रैल की रात 11.30 बजे के करीब ड्यूटी खत्म करने के बाद वह स्कूटी से अपने कमरे लौट रही थीं। अभी वह हिंदू हॉस्टल के पास पहुंची थीं कि तभी बाइकसवार युवक ने उनके ठीक बगल बाइक लगा दी। वह कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही उनका आईफोन छीनकर भाग निकला। महिला डॉक्टर ने थाने पहुंचकर सूचना दी तो पुलिस जांच पड़ताल में जुटी।
ट्रैस करने पर लोकेशन थाने की ही मिली
सूत्रों के मुताबिक, पुलिसकर्मी तब हैरान रह गए जब नंबर ट्रेस करने पर फोन की लोकेशन कर्नलगंज थाने में मिली। बाद में पता चला कि घटना को अंजाम देने वाला युवक थाने में ही ऊपर बनी बैरक में सो रहा है। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। उसने अपना नाम प्रांजल यादव उर्फ गोलू निवासी गल्ला बाजार बताया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल लिया। साथ ही आईफोन भी बरामद करा दिया। प्रभारी निरीक्षक राममोहन राय ने बताया कि सोमवार को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
कारखास ने दी थी शरण
सूत्रों का कहना है कि मोबाइल छीनने के बाद आरोपी युवक को थाने के ही एक कारखास ने शरण दी थी। दरअसल आरोपी युवक पहले थाने की ही जीप चलाता था। यह बात भी सामने आई है कि घटना के बाद वह उसी काले रंग की पल्सर बाइक से थाने पहुंचा था। हालांकि मामला खुलने पर सुबह उसी कारखास ने बाइक नैनी पहुंचा दी थी। बाद में दबाव पड़ने पर सोमवार को वह बाइक दोबारा थाने लाया और तब जाकर आरोपी का चालान किया गया। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक से बात की गई तो उन्होंने भी यह स्वीकार किया कि आरोपी पूर्व में थाने की जीप चलाया करता था। हालांकि घटना के बाद उसके थाने आने की बात से उन्होंने इन्कार किया।