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High Court : चुनाव कराने का आदेश नहीं था, निर्णय का निर्देश था, विद्यालय प्रबंध समिति के चुनाव का मामला

Fri, 10 Jul 2026 03:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 10 Jul 2026 03:55 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ के एक शिक्षण संस्थान की प्रबंध समिति के चुनाव से जुड़े मामले में दाखिल अवमानना याचिका निस्तारित कर दी। कहा कि अधिकारियों को चुनाव कराने का नहीं, बल्कि चुनाव कराने के संबंध में कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया गया था।

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There was no order to conduct elections, but a direction to take a decision
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ के एक शिक्षण संस्थान की प्रबंध समिति के चुनाव से जुड़े मामले में दाखिल अवमानना याचिका निस्तारित कर दी। कहा कि अधिकारियों को चुनाव कराने का नहीं, बल्कि चुनाव कराने के संबंध में कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया गया था। यदि लिया गया निर्णय गलत है तो उसे उचित न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है। अवमानना कार्यवाही में उसकी वैधता की जांच नहीं हो सकती।

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यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार की एकल पीठ ने बृजेश कुमार गुप्ता की अवमानना याचिका पर दिया। याची का आरोप था कि हाईकोर्ट ने नौ अक्तूबर 2025 को संबंधित अधिकारियों को तीन माह के भीतर चुनाव कराने के संबंध में निर्णय लेने और किसी कानूनी बाधा की स्थिति में उसकी जानकारी देने का निर्देश दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया।
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अलीगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से चार जुलाई 2026 के निर्देश और उसी दिन पारित निर्णय कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। इसमें चुनाव न कराए जाने के लिए कुछ कठिनाइयों का उल्लेख किया गया था। कोर्ट ने कहा कि आदेश का पालन करते हुए अधिकारियों ने निर्णय ले लिया है। वह निर्णय सही है या गलत, इस पर अवमानना क्षेत्राधिकार में विचार नहीं किया जा सकता। यदि याची को निर्णय से आपत्ति है तो वह सक्षम न्यायालय में उसे चुनौती देने के लिए स्वतंत्र है। कोर्ट ने अवमानना याचिका को अभिलेखागार में भेजते हुए निस्तारित कर दिया। 

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