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एएमयू में लाठीचार्ज की हो न्यासियक जांच

Thu, 19 Dec 2019 08:30 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 19 Dec 2019 08:30 PM IST
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There should be judicial investigation of lathicharge in AMU
There should be judicial investigation of lathicharge in AMU
एएमयू में लाठीचार्ज की हो न्यायिक जांच
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याचिका पर हाईकोर्ट ने एएमयू, प्रदेश सरकार से मांगा जवाब
प्रयागराज। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। घटना की न्यायिक जांच की मांग में जनहित याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने याचिका पर राज्य सरकार से एक सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई दो जनवरी को होगी।
प्रयागराज के मो. अमन खान की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। राज्य सरकार की तरफ से याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाए गए। कहा गया कि हॉस्टल खाली कराया गया है तो कोई पीड़ित छात्र कोर्ट क्यों नहीं आया। यह आरोप की कुछ छात्र लापता हैं, ऐसे छात्रों के परिवार के लोग कोर्ट में क्यों नहीं आ रहे। याचिका में मनगढंत और निराधार आरोप लगाए गए हैं।
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अदालत का कहना था कि छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। इसलिए सरकार इस मामले में अपना पक्ष रखे। याचिका में मांग की गई है कि एएमयू परिसर से पुलिस तत्काल हटाई जाए और हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से घटना की जांच कराई जाए। यह भी मांग की गई है कि मॉनिटरिंग हाईकोर्ट द्वारा की जाए।
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याची का कहना है कि एएमयू के छात्र नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। छात्र मौलाना आजाद लाइब्रेरी के पास गेट के अंदर मौजूद थे। और बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस छात्रों को उकसा रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने छात्रों को गालियां दीं और बुरी तरह से पीटा। जिसमें 100 छात्र घायल हुए हैं। 60 छात्रों को प्राथमिक उपचार दिया गया है। तीन छात्रों की हालत गंभीर होने के कारण उनको ट्रामा सेंटर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है।

विश्वविद्यालय बंद कर छात्रों से जबरन हॉस्टल खाली करा लिया गया है। तमाम छात्र कश्मीर, लद्दाख आदि सुदूर पूर्वी राज्यों से आए हुए हैं। हॉस्टल खाली करने के लिए उन पर दबाव डाला जा रहा है। कई छात्र लापता हैं, जिनको पुलिस ने बंधक बना लिया है। याचिका की सुनवाई दो जनवरी को होगी।
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