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Prayagraj News: गीता व राम चरितमानस की तरह हर घर में होना चाहिए संविधान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2024 02:10 AM IST
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There should be a constitution in every home like Geeta and Ram Charitmanas
हर घर में संविधान होना चाहिए, जैसे राम चरितमानस और भगवत गीता होती है। यह बात उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएआईटी) में आयोजित कुंभ कॉन्क्लेव में कही।
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उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में भारत की एकता निहित है। कुंभ सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण है। कुंभ प्रयागराज का ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व का गौरव है। प्रयागराज कुंभ विश्व का सबसे बड़ा समागम पर्व है। इस महापर्व पर प्रयागराज में भक्ति का सागर उमड़ता है। इस बार दिव्य, भव्य, स्वच्छ व सुरक्षित कुंभ का आयोजन किया जाएगा।
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आईआईएम लखनऊ के डॉ. एस वेंकटरमनैया ने तिरुपति बालाजी का उदाहरण देकर कुंभ जैसे धार्मिक स्थानों में तकनीकी उपकरणों के अनुप्रयोग और उद्यम कौशल का उपयोग करने की बात की। एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो. आरएस वर्मा कुंभ के बाद के प्रदूषण की चर्चा की। साथ ही कहा की कुंभ के बाद 100 मिलियन प्लास्टिक इकट्ठा होगा, इसलिए बायो प्लास्टिक का प्रयोग ही किया जाना चाहिए।
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ट्रिपल आईटी के निदेशक मुकुल एस सुतावने ने कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर हम एक भव्य कुंभ का आयोजन कर सकते हैं। कुंभ बहु संगठन सहभागिता के साथ सामूहिक शिक्षा व ज्ञान के लिए सबसे बड़ा अवसर है। उन्होंने महाकुंभ के सफल संचालन लिए कुछ अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग का भी सुझाव दिया। जैसे, सर्विलांस, सीसीटीवी, ब्रॉडकास्ट, कनेक्टिविटी, कचरा प्रबंधन आदि
बीएचयू के प्रो. गिरिजा शंकर ने कहा कि जो पृथ्वी को ज्ञान के अमृत से पूरा कर देता है वही कुंभ है, जो ब्रह्मानंद सहोदर का बोध कर दे वही कुंभ है। विष्णु को भी कुंभ कहा गया है और शरीर को भी कुंभ कहा गया है। इस प्रकार अगर हम शरीर की व्याख्या करें, तो जो शरीर में बसे हुए आत्म तत्व का बोध करा दे वही कुंभ है। सूर्य, चंद्रमा, गुरु के संयोग से कुंभ होता है जिसमें सूर्य आत्मा है, चंद्रमा मन है और गुरु ज्ञान है।
ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आनंद शंकर सिंह ने कहा कि कुंभ ज्ञान का प्रतीक है। जो ज्ञान जन्म जन्मांतर के ज्ञान से प्राप्त नहीं होता है, वह इन ग्रहों की शुभ युति में लगने वाले कुंभ के दर्शन एवं स्नान से प्राप्त हो जाता है। स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि सबको साथ लेकर चलना ही सनातन है। कुंभ सागर मंथन ही नहीं, स्वयं के मंथन, समाज के मंथन की यात्रा है।

प्रयागराज व कौशाम्बी बनेगा पर्यटन का हब
- उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रयागराज व कौशाम्बी को पर्यटन हब बनाया जाएगा। दोनों ही जगह पर्यटन की प्रबल संभावनाएं हैं। इसके लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू करा दिया गया है और सरकारी एजेंसियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कुंभ में प्रयागराज से पूरे विश्व से श्रद्धालु व पर्यटक आते हैं। यह सिलसिला साल भर चलते रहना चाहिए।
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