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आत्मनिर्भर : विदेशों तक है प्रयागराज की सब्जियों की मांग, दुबई और शारजाह भेजी जा चुकी है 600 कुंटल भिंडी, लोबिया और बैगन
Mon, 18 Oct 2021 05:14 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो , प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो , प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 18 Oct 2021 05:14 PM IST
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Prayagraj News : भिंडी।
- फोटो : प्रयागराज
प्रयागराज की सब्जियों की मांग अब विदेशों तक हो गई है। भिंडी के साथ लोबिया और बैगन का भी निर्यात होने लगा है। इस सीजन में अब तक 600 क्विंटल सब्जियां खाड़ी देशों को भेजी जा चुकीं हैं। अब अगले सीजन के लिए निर्यात की तैयारी शुरू हो गई है।
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गंगा नदी के कछारी इलाके में सब्जियों और तरबूज की बड़े स्तर पर खेती होती है। आसपास के राज्यों में भी यहां से सब्जियां भेजी जाती हैं। अब विदेश में भी निर्यात होने लगा है। पिछले वर्ष भिंडी दुबई और शारजाह भेजी गई थी। अब लोबिया और बैगन की भी मांग होने लगी है। सब्जी की खेती करने वाले किसान मुन्ना पटेल ने बताया कि इस सीजन में 300 क्ंिवटल भिंडी का निर्यात हुआ है।
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इतनी ही मात्रा में लोबिया और बैगन का भी निर्यात किया गया है। उन्होंने बताया कि जाड़े की सब्जियों की भी मांग है। इसके लिए निर्यात करने वाले व्यापारियों ने संपर्क किया है। निर्यात की तैयारी की जा रही है।
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Prayagraj News : नेनुआ।
- फोटो : प्रयागराज
नेनुआ भेजने की भी तैयारी
किसानों के अनुसार यहां के नेनुआ और तोर्रई की भी खाड़ी देशों में मांग है। इसके सैंपल भेजे जा चुके हैं। अब इन सब्जियों का भी निर्यात किया जाएगा।
मुंबई के व्यापारी की ली जाती है मदद
सब्जियों के निर्यात के लिए किसान मुंबई के एक व्यापारी की मदद लेते हैं। व्यापारी के प्रतिनिधि सब्जियों को पहले वाराणसी एयरपोर्ट पर ले जाते हैं और वहां से खाड़ी देशों से भेजा जाता है।
निर्यात सुविधा केंद्र खोलने की तैयारी
निर्यात की संभावनाओं को देखते हुए किसानों ने सुविधा केंद्र खोलने की मांग की है। कौड़िहार के राममूरत का कहना है कि सरकारी केंद्र होने से सीधे सब्जियों का निर्यात हो सकेगा। इससे आमदनी बढ़ेगी। इसके अलावा केंद्र में निर्यात से संबंधित तकनीकी ज्ञान भी मिल सकेगा। इससे अन्य किसान भी निर्यात के लिए आगे आएंगे। किसानों की इस मांग के बीच सरकार की ओर से भी निर्यात को बढ़ावा देने की कवायद शुरू की गई है। इसी क्रम में 22 को बैठक बुलाई गई है। उप निदेशक उद्यान पंकज शुक्ला का कहना है कि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में निर्यात सहायता केंद्र के स्वरूप पर चर्चा होगी।
किसानों के अनुसार यहां के नेनुआ और तोर्रई की भी खाड़ी देशों में मांग है। इसके सैंपल भेजे जा चुके हैं। अब इन सब्जियों का भी निर्यात किया जाएगा।
मुंबई के व्यापारी की ली जाती है मदद
सब्जियों के निर्यात के लिए किसान मुंबई के एक व्यापारी की मदद लेते हैं। व्यापारी के प्रतिनिधि सब्जियों को पहले वाराणसी एयरपोर्ट पर ले जाते हैं और वहां से खाड़ी देशों से भेजा जाता है।
निर्यात सुविधा केंद्र खोलने की तैयारी
निर्यात की संभावनाओं को देखते हुए किसानों ने सुविधा केंद्र खोलने की मांग की है। कौड़िहार के राममूरत का कहना है कि सरकारी केंद्र होने से सीधे सब्जियों का निर्यात हो सकेगा। इससे आमदनी बढ़ेगी। इसके अलावा केंद्र में निर्यात से संबंधित तकनीकी ज्ञान भी मिल सकेगा। इससे अन्य किसान भी निर्यात के लिए आगे आएंगे। किसानों की इस मांग के बीच सरकार की ओर से भी निर्यात को बढ़ावा देने की कवायद शुरू की गई है। इसी क्रम में 22 को बैठक बुलाई गई है। उप निदेशक उद्यान पंकज शुक्ला का कहना है कि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में निर्यात सहायता केंद्र के स्वरूप पर चर्चा होगी।