{"_id":"610aece0345c7302d238b501","slug":"the-wall-of-the-main-tank-collapsed-in-the-jalkal-headquarters-khusrobagh-water-supply-may-come-to-a-standstill","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलकल मुख्यालय खुसरोबाग में मुख्य टैंक की दीवार गिरी, ठप हो सकती है जलापूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलकल मुख्यालय खुसरोबाग में मुख्य टैंक की दीवार गिरी, ठप हो सकती है जलापूर्ति
Thu, 05 Aug 2021 01:09 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 05 Aug 2021 01:09 AM IST
सार
- मौके पर कर्मचारियों की आवाजाही पर भी रोक, मरम्मत के लिए मांगा गया प्रस्ताव
विज्ञापन
prayagraj news : जलकल विभाग में पानी के तालाब की दीवार गिरने से मेन सप्लाई प्रभावित हो गई है।
- फोटो : prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जलकल विभाग के मुख्यालय खुसरोबाग स्थित पानी के एक मुख्य टैंक की दीवार अचानक गिर गई। जिससे टैंक में भरा पानी बह गया। टैंक खाली कराने के बाद दूसरे टैंक में रॉ वाटर (करेलाबाग से आने वाला यमुना का पानी) एकत्र किया जा रहा है। अफसरों ने टैंक खाली करा दिया है। मरम्मत के प्रयास सफल नहीं हुए तो पुराने शहर में जलापूर्ति ठप हो सकती है।
खुसरोबाग जलकल विभाग के ट्रीटमेंट प्लांट में रॉ वाटर के लिए दो बड़े तथा छह क्लीयर वाटर रिजरवायर टैंक हैं। मंगलवार को करेलाबाग पंपिंग स्टेशन से आ रहा पानी भरने के दौरान एक टैंक की दीवार अचानक टूट गई। सूचना अफसरों तक पहुंची तो महाप्रबंधक समेत अन्य अधिशासी अभियंता और तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचे। टूटी दीवार के रास्ते तेज धार से पानी बह रहा था। टैंक खाली कराने के बाद मौके पर जलकल कर्मचारियों के जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
फिलहाल एक टैंक में रा वाटर भरकर ट्रीटमेंट के लिए भेजा जा रहा है। करेलाबाग पंपिंप स्टेशन के संचालन समय में भी परिवर्तन किया गया है। क्षतिग्रस्त टैंक में नई दीवार बनने तक पानी नहीं भरा जाएगा। इससे जल शोधन और पुराने शहर के बड़े इलाके में जलापूर्ति बाधित हो सकती है। महाप्रबंधक हरिश्चंद्र बाल्मीकि का दावा है कि दीवार टूटने का जलापूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा। निर्बाध जलापूर्ति के प्रबंध किए गए हैं। बुधवार को भी रोज की तरह 80 एमएलडी पानी की आपूर्ति की गई। उन्होंने बताया कि टैंक की टूटी दीवार और अन्य मरम्मत कार्य के लिए जलनिगम से प्रस्ताव मांगा गया है।
विज्ञापन
मिट्टी बेचने के लिए तोड़ी गई थी दीवार, गुणवत्ता विहीन थी नई दीवार
बताया जा रहा है कि रॉ वाटर टैंक की दीवार मिट्टी बेचने के लिए तोड़ी गई थी। गत दिनों पहलवान वीर बाबा मंदिर के पास दीवार तोड़कर जेसीबी भीतर ले जाई गई थी। जेसीबी मिट्टी की खोदाई के दौरान एक स्थान पर तोड़ी गई दीवार अन्य स्थानों पर भी कमजोर हो गई। सूत्र बताते हैं कि मिट्टी बेचने के बाद टूटी दीवार की मरम्मत कराई गई, लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। दीवार वहीं से टूटी है, जहां उसकी जोड़ाई कर मरम्मत की गई थी।
विज्ञापन
खुसरोबाग जलकल विभाग के ट्रीटमेंट प्लांट में रॉ वाटर के लिए दो बड़े तथा छह क्लीयर वाटर रिजरवायर टैंक हैं। मंगलवार को करेलाबाग पंपिंग स्टेशन से आ रहा पानी भरने के दौरान एक टैंक की दीवार अचानक टूट गई। सूचना अफसरों तक पहुंची तो महाप्रबंधक समेत अन्य अधिशासी अभियंता और तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचे। टूटी दीवार के रास्ते तेज धार से पानी बह रहा था। टैंक खाली कराने के बाद मौके पर जलकल कर्मचारियों के जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
विज्ञापन
फिलहाल एक टैंक में रा वाटर भरकर ट्रीटमेंट के लिए भेजा जा रहा है। करेलाबाग पंपिंप स्टेशन के संचालन समय में भी परिवर्तन किया गया है। क्षतिग्रस्त टैंक में नई दीवार बनने तक पानी नहीं भरा जाएगा। इससे जल शोधन और पुराने शहर के बड़े इलाके में जलापूर्ति बाधित हो सकती है। महाप्रबंधक हरिश्चंद्र बाल्मीकि का दावा है कि दीवार टूटने का जलापूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा। निर्बाध जलापूर्ति के प्रबंध किए गए हैं। बुधवार को भी रोज की तरह 80 एमएलडी पानी की आपूर्ति की गई। उन्होंने बताया कि टैंक की टूटी दीवार और अन्य मरम्मत कार्य के लिए जलनिगम से प्रस्ताव मांगा गया है।
विज्ञापन
मिट्टी बेचने के लिए तोड़ी गई थी दीवार, गुणवत्ता विहीन थी नई दीवार
बताया जा रहा है कि रॉ वाटर टैंक की दीवार मिट्टी बेचने के लिए तोड़ी गई थी। गत दिनों पहलवान वीर बाबा मंदिर के पास दीवार तोड़कर जेसीबी भीतर ले जाई गई थी। जेसीबी मिट्टी की खोदाई के दौरान एक स्थान पर तोड़ी गई दीवार अन्य स्थानों पर भी कमजोर हो गई। सूत्र बताते हैं कि मिट्टी बेचने के बाद टूटी दीवार की मरम्मत कराई गई, लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। दीवार वहीं से टूटी है, जहां उसकी जोड़ाई कर मरम्मत की गई थी।