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Prayagraj News: तीनों भाइयों ने राम सिंह की अर्थी को नहीं दिया कंधा
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जमीन के विवाद में आरोपी मुकेश ने पिता राम सिंह (55), बहन साधना (24) और नातिन आस्था (14) की हत्या का दी थी। मंगलवार देर रात हुए राम सिंह के अंतिम संस्कार में उसके सगे भाई भी शामिल होने नहीं पहुंचे। उनका आरोप है कि राम सिंह ने नाना और पैतृक जमीन हड़प ली थी। उन्हें हिस्सा नहीं दिया गया।
क्षेत्र के ग्राम गमरहटा (मौहरिया) निवासी स्व. मेहीलाल के चार पुत्रों में विजय शंकर सबसे बड़े, उससे छोटे त्रिभवन हैं। उसके बाद राम सिंह का नंबर था। सबसे छोटा उमेश कुमार हैं और चार बहनें हैं। इसमें स्व. राम कली, अनारकली, फूल कली और सुमन हैं। लेकिन, सारे बहन-भाई राम के अंतिम संस्कार नहीं पहुंचे।
विजय शंकर पटेल का कहना था कि राम सिंह ने संपत्ति में से दो बीघा जमीन लेकर कहा था कि नाना दरगाही पटेल के नाम लोकापुर विशानी में पांच बीघा जमीन में हिस्सा सभी भाइयों को देगा लेकिन बाद में उसने नाना की जमीन अपने बेटे मुकुंद लाल के करवा दी। विजय शंकर ने कहा हम लोगों ने राम सिंह से रिश्ता बहुत पहले ही खत्म कर दिया था।
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अखबार से मिली राम सिंह की मौत की सूचना
बड़े भाई विजय शंकर पटेल ने बताया कि भाई राम सिंह की हत्या की खबर हम सभी भाइयों को मंगलवार को अखबार से मिली थी। विजय शंकर ने कहा कि जब राम सिंह की पत्नी शिवकुमारी की मौत हुई तो राम सिंह ने सूचना नहीं दी। फिर बेटे मुकेश, बेटी पुष्पा देवी की शादी में भी उसने नहीं बुलाया था।
वृद्ध मां ने कहा उसका चेहरा नहीं देखना चाहती
मां धनपत्ती देवी (90) ने कहा कि वह बेटे राम सिंह का चेहरा तक नहीं देखना चाहती। वह जब यहां से गया तब से हमने उसे नहीं देखा। न ही वह गमरहटा (मौहरिया) गांव आया। उन्होंने कहा कि राम सिंह अपने भाइयों का हिस्सा हड़प गया।
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क्षेत्र के ग्राम गमरहटा (मौहरिया) निवासी स्व. मेहीलाल के चार पुत्रों में विजय शंकर सबसे बड़े, उससे छोटे त्रिभवन हैं। उसके बाद राम सिंह का नंबर था। सबसे छोटा उमेश कुमार हैं और चार बहनें हैं। इसमें स्व. राम कली, अनारकली, फूल कली और सुमन हैं। लेकिन, सारे बहन-भाई राम के अंतिम संस्कार नहीं पहुंचे।
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विजय शंकर पटेल का कहना था कि राम सिंह ने संपत्ति में से दो बीघा जमीन लेकर कहा था कि नाना दरगाही पटेल के नाम लोकापुर विशानी में पांच बीघा जमीन में हिस्सा सभी भाइयों को देगा लेकिन बाद में उसने नाना की जमीन अपने बेटे मुकुंद लाल के करवा दी। विजय शंकर ने कहा हम लोगों ने राम सिंह से रिश्ता बहुत पहले ही खत्म कर दिया था।
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अखबार से मिली राम सिंह की मौत की सूचना
बड़े भाई विजय शंकर पटेल ने बताया कि भाई राम सिंह की हत्या की खबर हम सभी भाइयों को मंगलवार को अखबार से मिली थी। विजय शंकर ने कहा कि जब राम सिंह की पत्नी शिवकुमारी की मौत हुई तो राम सिंह ने सूचना नहीं दी। फिर बेटे मुकेश, बेटी पुष्पा देवी की शादी में भी उसने नहीं बुलाया था।
वृद्ध मां ने कहा उसका चेहरा नहीं देखना चाहती
मां धनपत्ती देवी (90) ने कहा कि वह बेटे राम सिंह का चेहरा तक नहीं देखना चाहती। वह जब यहां से गया तब से हमने उसे नहीं देखा। न ही वह गमरहटा (मौहरिया) गांव आया। उन्होंने कहा कि राम सिंह अपने भाइयों का हिस्सा हड़प गया।