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संगम से अब नहीं हटाए जाएंगे तीर्थपुरोहितों के घाट
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प्रयागराज। संगम क्षेत्र से तख्त उजाड़े जाने के 27 दिन बाद बुधवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने तीर्थपुरोहितों के आंसू पोछे। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के प्रतिनिधिमंडल से उन्होंने दोपहर के वक्त संसद भवन के दफ्तर में मुलाकात की। इस दौरान रक्षामंत्री ने पुरोहितों को भरोसा दिलाया कि वह यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार से वार्ता कर इस समस्या का स्थाई समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। रक्षामंत्री ने अफसरों इस संबंध में अब तक की वस्तुस्थिति की जानकारी भी ली। साथ ही कहा कि अब पुरोहितों के तख्त नहीं हटाए जाएंगे। फिलहाल सेना ने परेड की भूमि को माघ मेला के निमित्त मेला प्रशासन को हस्तांतरित कर दिया है।
दिल्ली में तीर्थपुरोहितों का प्रतिनिधिमंडल दोपहर 12 बजे रक्षामंत्री से मिला। इस दौरान फूलपुर की सांसद केशरी देवी पटेल व इाहाबाद की सांसद रीता बहुगुणा जोशी भी उनके साथ थीं। प्रतिनिधि मंडल में शामिल महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चंद्रनाथ चकहा मधु, संरक्षक हरि जगन्नाथ शास्त्री, श्रवण कुमार शर्मा, अमित राज वैद्य ने रक्षामंत्री को प्रकरण की जानकारी दी। साथ ही मौजूदा स्थितियों से अवगत कराया। बताया कि बीते 14 नवंबर को सेना की ओर से तीर्थ पुरोहितों के तख्त व घाट को क्षतिग्रस्त कर दिया था। रक्षामंत्री ने प्रतिनिधि मंडल की बातें सुनने के बाद सांसद केशरी देवी की ओर से इस संबंध में संसद में उठाए गए सवाल के संदर्भ में भी रक्षा सचिव से जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल केसदस्यों ने रक्षामंत्री से हुई वार्ता की जानकारी दी। महासभा के महासचिव चकहा ने बताया कि रक्षामंत्री ने अपने सचिव से जानकारी लेने के बाद स्पष्ट किया कि प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों के तख्त हटाने का निर्देश रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नहीं किया गया था। रक्षामंत्री ने बताया कि बीते एक नवंबर से सेना ने परेड से लेकर संगम क्षेत्र की उक्त भूमि को जिला प्रशासन को हस्तानांतरित कर दिया है। रक्षामंत्री ने तीर्थ पुरोहितों के प्रति सहानुभूति प्रगट करते हुए भरोसा दिलाया कि सेना व प्रशासन की ओर से संगम क्षेत्र से तीर्थ पुरोहितों के तख्त को नहीं हटाया जाएगा। साथ ही रक्षामंत्री ने प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों को आश्वासन दिया कि रक्षा मंत्रालय जल्द ही यूपी सरकार से वार्ता कर इस गंभीर समस्या का स्थाई समाधान करेगा। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व विधायक दीपक पटेल भी शामिल थे।
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दिल्ली में तीर्थपुरोहितों का प्रतिनिधिमंडल दोपहर 12 बजे रक्षामंत्री से मिला। इस दौरान फूलपुर की सांसद केशरी देवी पटेल व इाहाबाद की सांसद रीता बहुगुणा जोशी भी उनके साथ थीं। प्रतिनिधि मंडल में शामिल महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चंद्रनाथ चकहा मधु, संरक्षक हरि जगन्नाथ शास्त्री, श्रवण कुमार शर्मा, अमित राज वैद्य ने रक्षामंत्री को प्रकरण की जानकारी दी। साथ ही मौजूदा स्थितियों से अवगत कराया। बताया कि बीते 14 नवंबर को सेना की ओर से तीर्थ पुरोहितों के तख्त व घाट को क्षतिग्रस्त कर दिया था। रक्षामंत्री ने प्रतिनिधि मंडल की बातें सुनने के बाद सांसद केशरी देवी की ओर से इस संबंध में संसद में उठाए गए सवाल के संदर्भ में भी रक्षा सचिव से जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल केसदस्यों ने रक्षामंत्री से हुई वार्ता की जानकारी दी। महासभा के महासचिव चकहा ने बताया कि रक्षामंत्री ने अपने सचिव से जानकारी लेने के बाद स्पष्ट किया कि प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों के तख्त हटाने का निर्देश रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नहीं किया गया था। रक्षामंत्री ने बताया कि बीते एक नवंबर से सेना ने परेड से लेकर संगम क्षेत्र की उक्त भूमि को जिला प्रशासन को हस्तानांतरित कर दिया है। रक्षामंत्री ने तीर्थ पुरोहितों के प्रति सहानुभूति प्रगट करते हुए भरोसा दिलाया कि सेना व प्रशासन की ओर से संगम क्षेत्र से तीर्थ पुरोहितों के तख्त को नहीं हटाया जाएगा। साथ ही रक्षामंत्री ने प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों को आश्वासन दिया कि रक्षा मंत्रालय जल्द ही यूपी सरकार से वार्ता कर इस गंभीर समस्या का स्थाई समाधान करेगा। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व विधायक दीपक पटेल भी शामिल थे।
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