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Prayagraj News: चार दिन बाद खुलेगा राज, करवरिया या कपिलमुनि, किसने बेचा धान
Sun, 07 Jan 2024 02:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sun, 07 Jan 2024 02:34 AM IST
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जेल में बंद पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया की खतौनी लगाकर 240 क्विंटल धान बेचे जाने के मामले का चार दिन बाद राजफाश होगा। एसडीएम सदर के अवकाश पर होने के कारण राजस्व से जुड़े कुछ दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हो पाने के कारण जांच रिपोर्ट तैयार करने में देरी हुई है।
सदर तहसील के टेवां के कपिलमुनि ने फर्जी तरीके से पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया की खतौनी का प्रयोग करते हुए धान बेच दिया। प्रकरण में उसके साथ शामिल टेवां के जिम संचालक संदीप का हाथ मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया है। इसके अलावा तहसील के कर्मचारियों ने करवरिया के हिस्से में परिवार के अन्य लोगों के नाम दर्ज भूमि को भी शामिल कर दिया।
अमर उजाला के खुलासे के बाद डीएम ने 29 दिसंबर को प्रकरण की जांच के लिए एडीएम वित्त अरुण कुमार गोंड की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। इसमें एआर कोऑपरेटिव व डिप्टी आरएमओ को सदस्य बनाया गया। प्रकरण की जांच रिपोर्ट पांच जनवरी को देनी थी लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। एडीएम ने बताया कि मंझनपुर एसडीएम अवकाश पर थे। ऐसे में राजस्व से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हो पाया। तीन से चार दिनों में जांच पूरी जो जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
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सदर तहसील के टेवां के कपिलमुनि ने फर्जी तरीके से पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया की खतौनी का प्रयोग करते हुए धान बेच दिया। प्रकरण में उसके साथ शामिल टेवां के जिम संचालक संदीप का हाथ मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया है। इसके अलावा तहसील के कर्मचारियों ने करवरिया के हिस्से में परिवार के अन्य लोगों के नाम दर्ज भूमि को भी शामिल कर दिया।
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अमर उजाला के खुलासे के बाद डीएम ने 29 दिसंबर को प्रकरण की जांच के लिए एडीएम वित्त अरुण कुमार गोंड की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। इसमें एआर कोऑपरेटिव व डिप्टी आरएमओ को सदस्य बनाया गया। प्रकरण की जांच रिपोर्ट पांच जनवरी को देनी थी लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। एडीएम ने बताया कि मंझनपुर एसडीएम अवकाश पर थे। ऐसे में राजस्व से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हो पाया। तीन से चार दिनों में जांच पूरी जो जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
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