Prayagraj : दी नार्थ इंडिया सीनेड बोर्ड के अधीन 13 कॉलेजों की संपत्ति हो अधिग्रहित, खंगाले जा रहे रिकॉर्ड
उत्तर भारत में शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन करने वाली दी नार्थ इंडिया सीनेड बोर्ड ऑफ एजुकेशन के अधीन रहे 13 नामी कॉलेजों के अस्तित्व पर ग्रहण मंडराने लगा है। इन कॉलेजों की अरबों की संपत्तियों को राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहीत करने की आवाज उठाई गई है। बोर्ड के ही निष्कासित सदस्य डॉ. आईजक फ्रैंक ने ने मुख्यमंत्री और सहायक रजिस्ट्रार चिट्स फर्म्स एवं सोसाइटी को पत्र लिखा है। इस पर सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
आईजक फ्रैंक शुआट्स में प्रोफेसर रह चुके हैं। उन्हें दी नार्थ इंडिया सीनेड बोर्ड ऑफ एजुकेशन से निष्कासित किया जा चुका है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि बोर्ड पांच साल पहले वर्ष 2029 में ही कालातीत हो चुका है। लिहाजा, इस संस्था की ओर से संचालित 13 शैक्षिक संस्थानों की संपत्तियों को राज्य सरकार को जब्त कर लेनी चाहिए। फ्रैंक ने कहा है कि अरबों रुपये की संपत्तियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
2006 तक आरबी लाल रहे चेयरमैन
दी नार्थ इंडिया सीनेड बोर्ड ऑफ एजुकेशन की ओर से एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट ऑफ इलाहाबाद सहित कुल 13 स्कूल कॉलेजों का संचालन होता रहा है। इसके मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन के तहत शुआट्स के कुलपति आरबी लाल वर्ष 2006 तक इस संस्था के चेयरमैन रहे। इसके बाद उन्होंने इससे त्यागपत्र दे दिया। अब इस संस्था द्वारा संचालित कुछ कॉलेजों को दूसरी सोसाइटियों के जरिए चलाया जा रहा है। लेकिन, सीनेड बोर्ड से अन्य सोसाइटी को इन कॉलेजों के हस्तांतरण की कोई विधिसम्मत प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है।
जिन कॉलेजों की संपत्तियों को जब्त करने की बात कही गई है, उनमें जमुना क्रिश्चियन हायर सेकेंडरी स्कूल प्रयागराज, मैरीवाना मेकर गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, क्रिश्चियन एग्रीकल्चर कॉलेज एटा, प्रेटिस गर्ल्स स्कूल एटा, रक्खा गर्ल्स स्कूल फतेहगढ़, क्रिश्चियन प्राइमरी स्कूल फतेहगढ़, क्रिश्चियन इंटरमीडिएट कॉलेज फर्रूखाबाद,सिटी गर्ल्स स्कूल फर्रूखाबाद, किश्चियन इंटरमीडिएट कॉलेज झांसी, क्रिश्चियन इंटरमीडिएट कॉलेज मैनपुरी,इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट इलाहाबाद, इसाबेला योर्बन कॉलेज लखनऊ और दी क्रिश्चियन कॉलेज इलाहाबाद के नाम शामिल हैं। सहायक रजिस्ट्रार ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अलग-अलग जिले में स्थित इन नामी कॉलेजों की संपत्तियों और उनके रखरखाव के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।