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कत्ल से नाराज वकील उतरे सड़क पर

Thu, 05 Nov 2015 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 05 Nov 2015 01:21 AM IST
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The lawyer got offended by decapitation on the road
इलाहाबाद। जिला अदालत से मंगलवार शाम घर लौटते वक्त थरवई इलाके में वकील सत्येंद्र यादव की गोली मारकर हत्या की वारदात में दूसरे रोज रात तक पुलिस कुछ भी पता नहीं लगा सकी। परिजन भी इस बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दे सके। पिता ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ  मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस छानबीन कर रही है। इस बीच घटना से नाराज वकीलों ने शहर में कचहरी के बाहर चक्काजाम कर पुलिस विरोधी नारे लगाए। फूलपुर समेत दूसरी तहसीलों पर भी वकीलों ने विरोध प्रदर्शन और जाम लगाया जिससे इस वारदात में पुलिस पर भारी दबाव बन गया है।
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थरवई के तारडीह गांव में रहने वाले वकील सत्येंद्र यादव (35) मंगलवार शाम जिला अदालत से घर लौट रहे थे तभी थानापुर पेट्रोल पंप से थोड़ा आगे जाने पर पल्सर सवार बदमाशों ने करीब आकर उन्हें गोली मार दी थी। सत्येंद्र की मौत से नाराज लोगों ने कातिलों की गिरफ्तारी और आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए कई घंटे तक पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। रात करीब दो बजे झांसी से सत्येंद्र के चाचा उपनिरीक्षक रामराज यादव ने आकर लोगों को यह कहकर मनाया कि पुलिस को काम करने और गिरफ्तारी के लिए वक्त दिया जाए।
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तब जाकर लोगों ने पुलिस को शव उठाने दिया तो चक्काजाम खत्म हुआ। बुधवार सुबह से ही पोस्टमार्टम हाउस पर रिश्तेदारों के अलावा सैकड़ों वकीलों की भीड़ जमा हो गई थी। ऐसे में वहां एसपी गंगापार और एसपी सिटी भी कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ मौजूद रहे। घटना के विरोध में वकीलों ने जिला अदालत और फूलपुर तहसील के बाहर चक्काजाम किया। पुलिस अफसरों ने किसी तरह वकीलों को मनाकर जाम खत्म कराया। उधर, मारे गए वकील सत्येंद्र के पिता आशाराम यादव ने तहरीर दी तो पुलिस ने पल्सर सवार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या की एफआईआर लिखी।
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पोस्टमार्टम के बाद करीब साढे़ ग्यारह बजे सत्येंद्र यादव का शव एंबुलेंस में लेकर परिजन रवाना हुए तो कई थानों की पुलिस के साथ अफसर भी साथ लगे रहे। आशंका थी कि लोग शव रखकर चक्काजाम कर सकते हैं। तारडीह स्थित निवास पर शव पहुंचा तो पत्नी समेत परिवार-रिश्ते की महिलाओं का विलाप गूंजने लगा। वहां से कुछ देर बाद शव फाफामऊ गंगा घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम में सत्येंद्र की पीठ में 315 बोर की गोली फंसी मिली। शूटरों की मारी गोली सत्येंद्र के दाहिने कंधे से घुसकर पीठ में जा धंसी थी। गोली निकाल पुलिस को सौंप दिया गया।
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