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Prayagraj News: क्वांटम एमटेक के पहले बैच में बेसिक्स से प्रैक्टिकल तक बढ़ी पढ़ाई
Tue, 06 Oct 2026 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Tue, 06 Oct 2026 01:56 AM IST
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भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में इसी सत्र से एमटेक इन क्वांटम इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को क्वांटम की नई और विशिष्ट तकनीकें सिखाने पर केंद्रित है। पहले बैच के 20 छात्र इस नई तकनीक सीखने के अनुभव को अब तक अच्छा बता रहे हैं।
शुरुआत में छात्रों को सीधे जटिल क्वांटम अवधारणाएं पढ़ाने के बजाय भौतिकी और गणित की बुनियादी जानकारी मजबूत कराई जा रही है। करीब दो महीने में उन्हें क्वांटम मैकेनिक्स, क्यूबिट, डिराक नोटेशन और क्वांटम कंप्यूटिंग की मूल अवधारणाओं से परिचित कराया गया है।
छात्रों के अनुसार, शिक्षक काफी सहयोग करते हैं और क्वांटम से जुड़े अन्य क्षेत्रों की जानकारी भी देते हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित संसाधन भी उपलब्ध कराए जाते हैं। पहले सेमेस्टर में बेसिक्स मजबूत करने पर जोर है, साथ ही प्रोग्रामिंग की शुरुआत भी हो चुकी है। क्वांटम को समझने के लिए क्लासिकल मैकेनिक्स, भौतिकी और गणित की अवधारणाओं पर भी काम कराया जा रहा है।
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पाठ्यक्रम का व्यापक दृष्टिकोण
पाठ्यक्रम में नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स और सर्किट डिजाइनिंग भी शामिल है, जिसके लिए कैडेंस सॉफ्टवेयर पर लैब चल रही है। एप्लाइड साइंस विभाग के एचओडी श्रीजीत भट्टाचार्जी ने बताया कि हार्डवेयर के हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के लिए आईआईएसईआर पुणे और सी-डैक पुणे से एमओयू है।
संस्थान में क्वांटम एल्गोरिद्म, क्रिप्टोग्राफी और कंप्यूटिंग की पढ़ाई होगी। कंप्यूटर साइंस पृष्ठभूमि वाले छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े हिस्से चुनौतीपूर्ण लगते हैं, पर शिक्षकों से मदद मिलती है। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य केवल प्लेसमेंट नहीं, बल्कि राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के लिए मैनपावर तैयार करना भी है।
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शुरुआत में छात्रों को सीधे जटिल क्वांटम अवधारणाएं पढ़ाने के बजाय भौतिकी और गणित की बुनियादी जानकारी मजबूत कराई जा रही है। करीब दो महीने में उन्हें क्वांटम मैकेनिक्स, क्यूबिट, डिराक नोटेशन और क्वांटम कंप्यूटिंग की मूल अवधारणाओं से परिचित कराया गया है।
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छात्रों के अनुसार, शिक्षक काफी सहयोग करते हैं और क्वांटम से जुड़े अन्य क्षेत्रों की जानकारी भी देते हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित संसाधन भी उपलब्ध कराए जाते हैं। पहले सेमेस्टर में बेसिक्स मजबूत करने पर जोर है, साथ ही प्रोग्रामिंग की शुरुआत भी हो चुकी है। क्वांटम को समझने के लिए क्लासिकल मैकेनिक्स, भौतिकी और गणित की अवधारणाओं पर भी काम कराया जा रहा है।
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पाठ्यक्रम का व्यापक दृष्टिकोण
पाठ्यक्रम में नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स और सर्किट डिजाइनिंग भी शामिल है, जिसके लिए कैडेंस सॉफ्टवेयर पर लैब चल रही है। एप्लाइड साइंस विभाग के एचओडी श्रीजीत भट्टाचार्जी ने बताया कि हार्डवेयर के हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के लिए आईआईएसईआर पुणे और सी-डैक पुणे से एमओयू है।
संस्थान में क्वांटम एल्गोरिद्म, क्रिप्टोग्राफी और कंप्यूटिंग की पढ़ाई होगी। कंप्यूटर साइंस पृष्ठभूमि वाले छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े हिस्से चुनौतीपूर्ण लगते हैं, पर शिक्षकों से मदद मिलती है। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य केवल प्लेसमेंट नहीं, बल्कि राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के लिए मैनपावर तैयार करना भी है।