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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The dispute over maintainability of the civil suit against Shahi Atala Mosque of Jaunpur reached the High Cour

High Court : जौनपुर की शाही अटाला मस्जिद के खिलाफ सिविल वाद की पोषणीयता का विवाद पहुंचा हाईकोर्ट

Sun, 08 Dec 2024 12:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 08 Dec 2024 12:47 PM IST
सार

मस्जिद पक्षकारों ने हिंदू वादी स्वराज वाहिनी एसोसिएशन की ओर से जौनपुर के सिविल जज की अदालत में दाखिल सिविल वाद की पोषणीयता को चुनौती दी है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने मस्जिद पक्ष की पुनरीक्षण याचिका समेत दो अर्जियां 29 मई और 12 अगस्त को खारिज कर दी थीं।

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The dispute over maintainability of the civil suit against Shahi Atala Mosque of Jaunpur reached the High Cour
Court - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौनपुर की शाही अटाला मस्जिद में पूजा का अधिकार मांगने का दावा करने वाले पक्षकारों से तीन हफ्ते में जवाबी हलफनामा तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने वक्फ अटाला मस्जिद जौनपुर की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है।

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मस्जिद पक्षकारों ने हिंदू वादी स्वराज वाहिनी एसोसिएशन की ओर से जौनपुर के सिविल जज की अदालत में दाखिल सिविल वाद की पोषणीयता को चुनौती दी है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने मस्जिद पक्ष की पुनरीक्षण याचिका समेत दो अर्जियां 29 मई और 12 अगस्त को खारिज कर दी थीं। इसके खिलाफ मस्जिद पक्ष ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मस्जिद पक्ष के अधिवक्ताओं की दलील है कि याचियों को आपत्तियों को ट्रायल कोर्ट ने महज पोषणीयता के आधार पर खारिज कर दिया। जबकि, स्वराज वाहिनी की ओर से दाखिल सिविल वाद खुद पोषणीय नहीं है। क्योंकि, स्वराज वाहिनी सोसाइटी है, मस्जिद के संदर्भ में सिविल वाद दाखिल करने की विधिक हैसियत नहीं है।

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क्या है विवाद.

शाही अटाला मस्जिद को लेकर सिविल कोर्ट जौनपुर में स्वराज वाहिनी एसोसिएशन ने सिविल वाद दायर किया है। दावा किया गया है कि यह पहले अटाला देवी मंदिर था, जिसे 13वीं सदी में राजा विजय चंद्र ने बनवाया था। उसी जगह यहां मस्जिद बना दी गई। एसोसिएशन ने यहां हिंदुओं को पूजा का अधिकार देने और गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। जबकि, वक्फ अटाला मस्जिद का कहना है कि शाही अटला मस्जिद में 1398 के बाद से लगातार जुमा और पांच वक्त की नमाज अदा होती आ रही है। मुस्लिम समाज यहां नियमित नमाज पढ़ता आ रहा है। इसकी 100 फिट ऊंची इमारत तुगलक शैली में निर्मित है। यह मस्जिद है।

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