फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The crocodile dragged the young man fishing

मछली पकड़ रहे युवक को खींच ले गया मगरमच्छ

Mon, 21 Jun 2021 12:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jun 2021 12:47 AM IST
विज्ञापन
The crocodile dragged the young man fishing
घायल धर्मपाल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

बमुश्किल पैर छुड़ाकर लहूलुहान हालत में नदी से बाहर निकला, बेहोश होकर गिरा

विज्ञापन
फतेहगंज पश्चिमी। ठिरिया खेतल गांव के पास बहगुल नदी के अंदर घुसकर मछली पकड़ रहे लोगों में से एक युवक को मगरमच्छ खींच ले गया। उसके साथ मौजूद लोग बाहर निकले। नदी में कई मिनट युवक मगरमच्छ के जबड़े से अपना पैर छुड़ाने की जद्दोजहद करता रहा और आखिर में कामयाब हो गया। लहूलुहान पैर लेकर वह बाहर निकला और तट पर गिरकर बेहोश हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लोधीनगर मोहल्ले में रहने वाले धर्मपाल रविवार को कई लोगों के साथ मछली पकड़ने ठिरिया खेतल गांव के पास बहगुल नदी में मछली पकड़ने गए थे। धर्मपाल ने नदी में जाल फेंकने के बाद कुछ देर इंतजार किया और मछलियां फंसने के बाद नदी के कुछ अंदर जाकर जाल को खींचना शुरू किया। इस दौरान वह ट्यूब पर बैठे हुए थे। उनके दोनों पैर पानी में थे। अचानक मगरमच्छ ने उनका दाहिना पैर जबड़े में दबोच लिया और उन्हें नदी में खींचने लगा। मगरमच्छ को देखकर उनके साथ मौजूद लोग चिल्लाते हुए नदी से बाहर भाग निकले।
विज्ञापन

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धर्मपाल ने खुद को ट्यूब से नीचे नहीं गिरने दिया और उसी के सहारे अपना पैर मगरमच्छ से छुड़ाने की कोशिश करते रहे और अंतत: इसमें कामयाब हो गए। पैर छूटते ही उन्होंने पूरा दम लगाकर किनारे की ओर तैरना शुरू किया और नदी से बाहर आते ही बेहोश होकर गिर पड़े। उनका पैर बुरी तरह लहूलुहान हो चुका था। आनन-फानन उन्हें अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्यूब ने मेरी जान बचा ली

अस्पताल में होश में आए धर्मपाल ने बताया कि मगरमच्छ के जबड़े में पैर आने के बाद मौत उनकी आंखों के सामने नाच गई लेकिन फिर भी उन्होंने पैर छुड़ाने की भरसक कोशिश की। अगर वह ट्यूब पर न होते तो शायद मगरमच्छ आसानी से उन्हें खींचकर ले जाता लेकिन ट्यूब ने उनकी जान बचा ली।

मगरमच्छ पहले भी कर चुके हैं हमला

ठिरिया खेतल के पास बहगुल में मगरमच्छों की अच्छी-खासी तादाद है और वे पहले भी कई लोगों को हमला कर घायल कर चुके हैं। करीब दो साल पहले ठिरिया खेतल के ही 15 वर्षीय शमशुल मगरमच्छ के हमले में बाल-बाल बचे थे। गांव के रामसेवक गंगवार के मुताबिक नदी में कटान की वजह से तालाबनुमा गड्ढे बन गए हैं जिनमें अक्सर मगरमच्छ शिकार की ताक में बैठे रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed