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आयोग अध्यक्ष के खिलाफ धरना-अनशन जारी
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Sun, 12 Apr 2015 11:49 PM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अध्यक्ष के खिलाफ छात्रों और प्रतियोगियों का आंदोलन रविवार को भी जारी रहा। 15 अप्रैल को प्रस्तावित शांति मार्च के समर्थन में छात्रों ने जगह-जगह जनसंपर्क अभियान चला तथा माइक मीटिंग की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन भी किया।
पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपर निरस्त करने, आयोग के अध्यक्ष को हटाने तथा भर्तियों और पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से चंद्रशेखर आजाद पार्क में अनिश्चितकालीन धरना सातवें दिन भी जारी रहा।
शनिवार को मार्च के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राआें पर लाठीचार्ज कर दिया था। बाद में उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया था। इसे लेकर परिषद से जुड़े छात्रों में जबरदस्त नाराजगी रही। धरना स्थल पर शाम को लाठीचार्ज में घायल तथा गिरफ्तार हुए छात्र भी जुटे और उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने और तेज आंदोलन की घोषणा की। धरना-प्रदर्शन में अजीत उपाध्याय, सनत मिश्रा, शैलेंद्र मौर्या, श्याम प्रकाश आदि शामिल रहे।
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इन्हीं मांगों को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर भी छात्रों का क्रमिक अनशन आठवें दिन जारी रहा। इस दौरान हुई सभा में छात्रों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की। छात्रों की ओर से 15 अप्रैल को विश्वविद्यालय से शांति मार्च की घोषणा की गई है। इसमें कई प्रमुख लोगों के भी शामिल होने की उम्मीद है। इसके समर्थन में छात्रों ने हॉस्टलों तथा डेलीगेसी में जनसंपर्क किया और अधिक से अधिक संख्या में युवाओं से छात्रसंघ भवन पर पहुंचने की अपील की।
छात्रों ने बघाड़ा, एलनगंज, सलोरी, तेलियरगंज आदि मोहल्लों में माइक मीटिंग भी की। छात्रों का कहना था कि आयोग की इस स्थिति के लिए प्रदेश और केंद्र दोनों सरकारें जिम्मेदार हैं। उन्होंने भाजपा पर भी इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। बघाड़ा में छात्रों ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन भी किया। इन आंदोलनों में अवनीश पांडेय, राणा यशवंत प्रताप सिंह, अयोध्या सिंह, अवनीश पांडेय, कौशल सिंह, अरुण सिंह सोनू, अमरेंदु सिंह, सुधीर विक्रम सिंह आदि शामिल रहे।
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पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपर निरस्त करने, आयोग के अध्यक्ष को हटाने तथा भर्तियों और पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से चंद्रशेखर आजाद पार्क में अनिश्चितकालीन धरना सातवें दिन भी जारी रहा।
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शनिवार को मार्च के दौरान पुलिस ने छात्र-छात्राआें पर लाठीचार्ज कर दिया था। बाद में उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया था। इसे लेकर परिषद से जुड़े छात्रों में जबरदस्त नाराजगी रही। धरना स्थल पर शाम को लाठीचार्ज में घायल तथा गिरफ्तार हुए छात्र भी जुटे और उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने और तेज आंदोलन की घोषणा की। धरना-प्रदर्शन में अजीत उपाध्याय, सनत मिश्रा, शैलेंद्र मौर्या, श्याम प्रकाश आदि शामिल रहे।
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इन्हीं मांगों को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर भी छात्रों का क्रमिक अनशन आठवें दिन जारी रहा। इस दौरान हुई सभा में छात्रों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की। छात्रों की ओर से 15 अप्रैल को विश्वविद्यालय से शांति मार्च की घोषणा की गई है। इसमें कई प्रमुख लोगों के भी शामिल होने की उम्मीद है। इसके समर्थन में छात्रों ने हॉस्टलों तथा डेलीगेसी में जनसंपर्क किया और अधिक से अधिक संख्या में युवाओं से छात्रसंघ भवन पर पहुंचने की अपील की।
छात्रों ने बघाड़ा, एलनगंज, सलोरी, तेलियरगंज आदि मोहल्लों में माइक मीटिंग भी की। छात्रों का कहना था कि आयोग की इस स्थिति के लिए प्रदेश और केंद्र दोनों सरकारें जिम्मेदार हैं। उन्होंने भाजपा पर भी इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। बघाड़ा में छात्रों ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन भी किया। इन आंदोलनों में अवनीश पांडेय, राणा यशवंत प्रताप सिंह, अयोध्या सिंह, अवनीश पांडेय, कौशल सिंह, अरुण सिंह सोनू, अमरेंदु सिंह, सुधीर विक्रम सिंह आदि शामिल रहे।