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Prayagraj News: रेलवे सिग्नल से छेड़छाड़ की जांच अब बारा पुलिस करेगी
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जसरा-मदरहा के बीच रेलवे सिग्नल से छेड़छाड़ कर ट्रेन संचालन प्रभावित करने के मामले में यमुनापार की बारा पुलिस को केस स्थानांतरित कर दिया गया है। 24 अगस्त की रात प्रयागराज-मुंबई रेल मार्ग पर बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस के संचालन को प्रभावित करने के लिए सिग्नल की हरी बत्ती को काली पॉलिथीन से ढक दिया गया था। आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की सतर्कता से समय रहते सिग्नल से छेड़छाड़ का पता चल गया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया था।
मामले में आरपीएफ ने रेलवे एक्ट के तहत पुलिस ने बारा के जज्जी पुरवा निवासी संगीत नाथ (19), माहिल (18) और रायबरेली की काशीराम कॉलोनी निवासी राजन (21) को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी फिलहाल बांदा जेल में निरुद्ध हैं। मामले की गंभीरता और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केस की विवेचना अब आरपीएफ से थाना बारा पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है।
थाना बारा में रेलवे अधिनियम की धारा 150 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सिग्नल से छेड़छाड़ के कारणों के साथ ही घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या साजिश की भूमिका की भी जांच करेगी।
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दोषी मिलने पर उम्रकैद तक की सजा
रेलवे के अफसरों ने बताया कि धारा 150 के तहत ऐसा कृत्य, जिससे ट्रेन के पलटने या यात्रियों की जान को खतरा पैदा होने की संभावना हो, गंभीर अपराध है। इसमें दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास या कम से कम 10 वर्ष की कठोर कैद का प्रावधान है। ऐसे कृत्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर कानून में मृत्युदंड का भी प्रावधान बताया गया है।
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मामले में आरपीएफ ने रेलवे एक्ट के तहत पुलिस ने बारा के जज्जी पुरवा निवासी संगीत नाथ (19), माहिल (18) और रायबरेली की काशीराम कॉलोनी निवासी राजन (21) को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी फिलहाल बांदा जेल में निरुद्ध हैं। मामले की गंभीरता और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केस की विवेचना अब आरपीएफ से थाना बारा पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है।
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थाना बारा में रेलवे अधिनियम की धारा 150 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सिग्नल से छेड़छाड़ के कारणों के साथ ही घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या साजिश की भूमिका की भी जांच करेगी।
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दोषी मिलने पर उम्रकैद तक की सजा
रेलवे के अफसरों ने बताया कि धारा 150 के तहत ऐसा कृत्य, जिससे ट्रेन के पलटने या यात्रियों की जान को खतरा पैदा होने की संभावना हो, गंभीर अपराध है। इसमें दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास या कम से कम 10 वर्ष की कठोर कैद का प्रावधान है। ऐसे कृत्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर कानून में मृत्युदंड का भी प्रावधान बताया गया है।