फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The Akhara Parishad announced the movement for the liberation of Krishna's birthplace in Mathura

कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए अखाड़ा परिषद ने आंदोलन का किया एलान

Tue, 29 Sep 2020 11:35 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 29 Sep 2020 11:35 AM IST
विज्ञापन
The Akhara Parishad announced the movement for the liberation of Krishna's birthplace in Mathura
महंत नरेंद्र गिरि - फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कृष्ण जन्मभूमि मथुरा की मुक्ति के लिए आंदोलन चलाने का एलान किया है। विहिप व अन्य हिंदू संगठनों के साथ मिलकर कृष्ण जन्मभूमि के लिए शांतिपूर्ण ढंग से जन जागरण शुरू किया जाएगा। कृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर अखाड़ा परिषद की 15 अक्तूबर को वृंदावन में होने वाली बैठक में मथुरा के साथ काशी को भी मुक्त कराने की रणनीति तय की जाएगी। सोमवार को यह जानकारी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने दी।
विज्ञापन


अखाड़ा परिषद की 15 अक्तूबर होने वाली बैठक कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए शुरू होने वाले अभियान की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस बैठक में कृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर आंदोलन की रूपरेखा तय करने के साथ ही श्रीकृष्ण जन्म स्थान मामले में दायर याचिका में पक्षकार बनने पर भी विचार किया जाएगा।
विज्ञापन


इसके अलावा काशी में ज्ञानवापी मुक्ति को लेकर भी प्रस्ताव पर चर्चा होगी। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि वृंदावन में कृष्ण जन्मभूमि के मुकदमे के याचिकाकर्ताओं से भी मुलाकात की जाएगी। परिषद को इस याचिका में पक्षकार के तौर पर शामिल करने पर सहमति बन जाएगी तो ठीक, वरना अलग से कोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी। वृंदावन में अखाड़ा परिषद के पदाधिकारी कृष्ण जन्मभूमि का निरीक्षण भी करेंगे। दर्शन-पूजन कर स्थिति का वास्तविक आकलन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि अखाड़ा परिषद कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ मंदिर को मुक्त कराने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाएगा। वृंदावन की बैठक में इसके अलावा हरिद्वार कुंभ पर भी विस्तार से विचार -विमर्श किया जाएगा। कोरोना काल में अगर वैक्सीन नहीं बन पाई तो ऐसे में हरिद्वार कुंभ का क्या स्वरूप होगा और किस रूप में इसे कराया जाए, इस पर साधु-संत मंथन करेंगे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रयागराज में हुई अखाड़ा परिषद की बैठक में मथुरा-काशी की मुक्ति का प्रस्ताव लाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed