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किसानों पर ताकत न आजमाए प्रशासन

Sat, 12 Sep 2015 01:49 AM IST
Updated Sat, 12 Sep 2015 01:49 AM IST
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करछना के कचरी और आसपास के गांवों में 41 किसानों की गिरफ्तारी, गांवों में पुलिस के तलाशी अभियान और राज बहादुर पटेल सहित दर्जनों किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद अब उन पर गैंगस्टर और रासुका लगाए जाने की तैयारी से तमाम संगठन भड़के हुए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन किसानों पर अपनी ताकत न आजमाए, वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा। प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को अलग-अलग संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया, बैठकें कीं और अफसरों को ज्ञापन देकर किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की।
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दमन विरोधी मंच के बैनर तले शुक्रवार को कलक्ट्रेट में कई संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया और किसानों पर हुई कार्रवाई के खिलाफ प्रदेश सरकार के प्रति अपना क्षोभ प्रकट किया। वक्ताओं ने कहा कि किसानों पर गैंगस्टर और रासुका की कार्रवाई करके पुलिस एवं प्रशासन कायराना हरकत कर रहा है। प्रशासन किसानों पर अपनी ताकत न आजमाए। मांग की गई कि किसानों और आंदोनलकारियों के मुखिया राज बहादुर पटेल पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। साथ ही नौ सितंबर की घटना की जांच कराकर दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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धरना-प्रदर्शन में  हरिश्चंद्र द्विवेदी, उत्पला शुक्ला, मनोज त्यागी, अंशु मालवीय, ओडी सिंह, सुनील मौर्य, प्रो. प्रणय कृष्ण सहित तमाम सामाजिक एवं छात्र संगठन के प्रतिनिधि शामिल रहे। उधर, पार्षदों और नागरिकों ने कमिश्नर राजन शुक्ला को ज्ञापन देकर किसानों पर दर्ज मुकदमा वापस लिए जाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में शिवसेवक सिंह, अनु सिंह, कमलेश, आनंद घिल्डियाल, नागेंद्र बहादुर पटेल, सुनील यादव, नीरज पासी आदि शामिल रहे।
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पूर्व सांसद धर्मराज पटेल का कहना है कि किसान आंदोलन के मुखिया राज बहादुर कोई लुटेरा या डकैत नहीं हैं, जो पुलिस ने उन पर इनाम घोषित कर दिया।

उन्होंने मांग की है कि सभी किसानों पर दर्ज मुकदमे प्रशासन वापस ले। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के पदाधिकारियों ने भी करछना में किसानों पर हुई कार्रवाई के विरोध में जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा, जिसमं राम सागर, शोभ नाथ द्विवेदी, मुस्तकीम अहमद आदि शामिल रहे। वहीं, कचरी में किसानों से मिलने के बाद आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला प्रभारी राजेश सचान कहा कि पूरे मामले से राज्यपाल को अवगत कराया जाएगा और किसानों को न्याय दिलाने के लिए प्रदेश स्तर पर रणनीति बनाई जाएगी। उधर, अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा की इलाहाबाद कमेटी ने कचरी में किसानों पर हुई कार्रवाई की निंदा की है। सभा के अध्यक्ष राम कैलाश कुशवाहा ने चेतावनी दी है कि सरकार ने बिना शर्त गिरफ्तार किए गए किसानों को रिहा नहीं किया तो आल इंडिया मजदूर सभा आंदोलन के लिए मजबूर होगी।
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