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...ये तो 5000 रुपये का चुनाव नहीं है जनाब
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 19 Sep 2015 01:17 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में प्रत्याशियों के लिए खर्च की अधिकतम सीमा पांच हजार रुपये है, लेकिन परिसर ही नहीं शहर के किसी प्रमुख चौराहे का नजारा देखकर बरबस ही लोग कह उठते हैं कि यह स्टुडेंट यूनियन का चुनाव है या विधायकी-सांसदी का। ज्यादातर प्रत्याशियों की ओर से इतनी राशि तो सिर्फ हैंडबिल छपवाने में खर्च कर दी गई है।
विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की ओर से आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने का दावा किया जा रहा है। इसके विपरीत शहर के तकरीबन सभी प्रमुख चौराहों, मार्ग पर विश्वविद्यालय और कालेजों के छात्रसंघ चुनाव में दावेदारी करने वाले छात्र नेताओं के विशालकाय होर्डिंग लगे हैं। इन्हें बनवाने में ही कई हजार रुपये खर्च हो गए होंगे। नगर निगम का किराया अलग से। इसके अलावा कई छात्र नेताओं के जुलूस में 100 से अधिक चार पहिया गाड़ियां शामिल हो रही हैं। दो पहिया वाहनाें के जुलूसाें का तो क्रम लगा हुआ है।
खास यह कि वाहन जुलूस भी आचार संहिता के उल्लंघन में शामिल है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के चारों तरफ तो लगातार जुलूस की वजह से जाम की स्थिति रही। लिंगदोह समिति की संस्तुतियों के तहत प्रत्याशी तथा समर्थन प्रिंटेड प्रचार सामग्री का इस्तेमाल नहीं कर सकते लेकिन पोस्टर, हैंडबिल से दीवारें और सड़कें पट गई हैं। इसके अलावा भी दावेदारों की ओर से अन्य खर्च किए जा रहें हैं लेकिन उन पर रोक लगाने वाला कोई नहीं है।
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विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की ओर से आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने का दावा किया जा रहा है। इसके विपरीत शहर के तकरीबन सभी प्रमुख चौराहों, मार्ग पर विश्वविद्यालय और कालेजों के छात्रसंघ चुनाव में दावेदारी करने वाले छात्र नेताओं के विशालकाय होर्डिंग लगे हैं। इन्हें बनवाने में ही कई हजार रुपये खर्च हो गए होंगे। नगर निगम का किराया अलग से। इसके अलावा कई छात्र नेताओं के जुलूस में 100 से अधिक चार पहिया गाड़ियां शामिल हो रही हैं। दो पहिया वाहनाें के जुलूसाें का तो क्रम लगा हुआ है।
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खास यह कि वाहन जुलूस भी आचार संहिता के उल्लंघन में शामिल है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के चारों तरफ तो लगातार जुलूस की वजह से जाम की स्थिति रही। लिंगदोह समिति की संस्तुतियों के तहत प्रत्याशी तथा समर्थन प्रिंटेड प्रचार सामग्री का इस्तेमाल नहीं कर सकते लेकिन पोस्टर, हैंडबिल से दीवारें और सड़कें पट गई हैं। इसके अलावा भी दावेदारों की ओर से अन्य खर्च किए जा रहें हैं लेकिन उन पर रोक लगाने वाला कोई नहीं है।
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