प्रयागराज : आधी रात पुलिस कार्रवाई के बाद फिर गरजा पत्थर गिरजाघर, टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज
20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न से विज्ञापन जारी करने की मांग तेज, आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों ने सरकार को दी आर-पार की चेतावनी।
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टीजीटी-पीजीटी के 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न के आधार पर विज्ञापन जारी कराने की मांग को लेकर युवा मंच का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 31 अगस्त से पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस धरना स्थल पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के बीच पांच सितंबर से पांच अभ्यर्थियों द्वारा आमरण अनशन शुरू किए जाने के बाद आंदोलन ने और व्यापक रूप ले लिया है।
युवा मंच के अनुसार, आठ सितंबर को माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी द्वारा फोन पर आंदोलनकारियों को यह आश्वासन दिया गया कि मामले को लेकर अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है और छात्रों के पक्ष में समाधान का प्रयास किया जाएगा। इससे आंदोलनरत अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी थी कि सरकार अचानक बदली गई नियमावली पर पुनर्विचार करते हुए छात्रों के हित में शीघ्र निर्णय लेगी।
नौ सितंबर की मध्यरात्रि को पुलिस प्रशासन बड़ी संख्या में पुलिस बल, तीन एंबुलेंस एवं दर्जनों वाहनों के साथ पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पहुंचा। आंदोलनकारियों के मुताबिक, पुलिस ने धारा 163 से संबंधित आदेश दिखाते हुए धरना स्थल खाली कराने की कार्रवाई शुरू की और कई आंदोलनकारियों को वाहनों में बैठाकर वहां से हटाया गया। इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई तथा कुछ छात्रों को हल्की चोटें आने की बात कही गई है। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह को भी रात में ही हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई।
आंदोलनकारियों ने फिर शुरू किया धरना
पुलिस कार्रवाई के बाद अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश फैल गया। सुबह होते ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पुनः पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस धरना स्थल पर पहुंच गए और पुरानी नियमावली व पुराने पैटर्न पर विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पूरे दिन धरना-प्रदर्शन चलता रहा और आंदोलनकारियों ने पुनः धरना स्थल पर आंदोलन शुरू कर दिया।
आमरण अनशन कर रहे अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक वे आमरण अनशन समाप्त नहीं करेंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि 16 सितंबर 2025 को नियमावली में किए गए बदलाव से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने शिक्षक बनने के अवसर प्रभावित हुए हैं। उनका आरोप है कि अचानक नियमों में बदलाव से लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। प्रदर्शन में एलके चौधरी, बृजेश सिंह, अखिलेश वर्मा, राकेश चौरसिया, सुशोभित, आरती सिंह, रिंकी चौहान, भानू शुक्ल, केडी. वर्मा, दीपा सिंह सहित सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद रहे।
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सरकार को तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि आंदोलन को दबाने से अभ्यर्थियों की समस्याएं समाप्त नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि 16 सितंबर 2025 को लागू की गई नई व्यवस्था को वापस लेकर पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न के आधार पर टीजीटी-पीजीटी का विज्ञापन तत्काल जारी किया जाए।