प्रयागराज : टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थी की मौत के बाद बढ़ा तनाव, पुलिस ने अनशनकारियों को उठाया, तीखी नोकझोंक
पुरानी नियमावली के तहत टीजीटी-पीजीटी शिक्षक भर्ती कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे एक अभ्यर्थी की मौत के बाद तनाव बढ़ गया है। आंदोलन में शामिल जौनपुर निवासी विजय सिंह की मौत के बाद आंदोलन और तेज हो गया है।
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यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती प्रणाली पर छात्रों में चिंता हैं। इसी बीच एक अभ्यर्थी विजय कुमार की मौत हो गई। अभ्यर्थी की मौत के बाद छात्रों में आक्रोश पैदा हो गया है। तनाव की स्थिति को देखते हुए आनन- फानन में पुलिस ने धरना स्थल खाली करा दिया है। इस दौरान पुलिस और धरना दे रहे अनशनकारियों के बीच धक्का- मुक्की भी होने की सूचना हैं। पुलिस को आशंका हैं कि प्रतियोगी छात्र की मौत के बाद आंदोलन और तेज हो सकता हैं।
छात्रों का आरोप है कि विजय कुमार वर्ष 2016 से अंग्रेजी विषय से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे थे। युवा मंच ने दावा किया है कि परीक्षा संबंधी मानसिक दबाव से उनकी तबीयत रात में कमरे पर बिगड़ी। उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ। इसी से उनकी मौत हो गई। विजय कुमार अक्सर छात्रों के धरना स्थल पर आते थे।
बताया कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा प्रणाली पर अभ्यर्थियों को चिंता है। सामान्य अध्ययन का अतिरिक्त भार जोड़ा गया है। विषयवार परीक्षा व्यवस्था में भी बदलाव हुए हैं। इससे लंबे समय से तैयारी कर रहे छात्रों को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि जौनपुर के सुजानगंज निवासी विजय कुमार की मौत इसी मानसिक दबाव का परिणाम है।
परीक्षा प्रणाली में बदलाव से चुनौती
अभ्यर्थियों का कहना है कि नए परीक्षा पैटर्न (प्रणाली) से उन्हें अतिरिक्त बोझ महसूस हो रहा है। पहले वे केवल अपने विषय पर केंद्रित होकर तैयारी करते थे। अब सामान्य अध्ययन को भी समान महत्व देना पड़ रहा है। इससे उनकी तैयारी का तरीका बदलना पड़ा है। यह बदलाव उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए कठिन है। वे वर्षों से एक ही विषय की तैयारी कर रहे थे। इस घटना को लेकर युवा मंच के सदस्यों ने शोक व्यक्त किया हैं।
पुरानी नियमावली की मांग और आक्रोश
युवा मंच के अनिल सिंह ने बताया कि 11 जून 2026 से पुरानी नियमावली पर भर्ती की मांग उठाई जा रही है। यह मांग प्रयागराज से लखनऊ तक की जा रही है। 31 अगस्त से अनशन चल रहा है। इस दौरान 9 व 11 सितंबर को पुलिस ने छात्रों के साथ धक्का- मुक्की किया। जबरन धरना स्थल से हटाया गया। आएं दिन पुलिस और छात्रों के बीच कहासुनी होना आम बात हो गई हैं। रात में धरना स्थल से पुलिस हटा देती हैं। उन्होंने कहा कि पुराने पैटर्न (प्रणाली) के आधार पर भी भर्ती चाहते हैं। हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती विज्ञापन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका भविष्य इस प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। अनिल सिंह ने अंदेशा जताया कि विजय कुमार की मौत के बाद छात्रों का आक्रोश भड़क सकता हैं। इसकी जिम्मेदार प्रशासन होगा।