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tempering case : पीडब्ल्यूडी के एसई टेंडर कमेटी से बाहर, शासन ने प्रमोशन पर लगाई रोक

Mon, 16 May 2022 12:34 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 16 May 2022 12:34 AM IST
सार

कौशाम्बी और प्रयागराज में करोड़ों रुपये के टेंडर में हुई गड़बड़ी का मामला पीडब्ल्यूडी के आला अफसरों के गले की फांस बनता जा रहा है। सड़कों के निर्माण में मानक की अनदेखी से लेकर बिना काम कराए भुगतान तक के लिए बदनाम पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं पर इस मामले में शिकंजा कसता जा रहा है।

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tempering case: out of the SE tender committee of PWD, the government banned the promotion
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विस्तार

प्रहरी एप के जरिए डाले गए टेंडरों में टेंपरिंग कर गड़बड़ी करने के मामले में पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता पर शासन की गाज गिर गई है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ही एसई को टेंडर कमेटी से बाहर कर दिया गया है। इसे अलावा उनके प्रमोशन पर भी रोक लगा दी गई है। टेंडरों में टेंपरिंग कर गड़बड़ी करने के इस मामले में शामिल अन्य अभियंताओं पर भी गाज गिरने के संकेत मिले हैं।

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कौशाम्बी और प्रयागराज में करोड़ों रुपये के टेंडर में हुई गड़बड़ी का मामला पीडब्ल्यूडी के आला अफसरों के गले की फांस बनता जा रहा है। सड़कों के निर्माण में मानक की अनदेखी से लेकर बिना काम कराए भुगतान तक के लिए बदनाम पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं पर इस मामले में शिकंजा कसता जा रहा है। टेंडर खोलने से पहले ही प्रयागराज के अधीक्षण अभियंता एके द्विवेदी के डोंगल से प्रहरी एप के जरिए छेड़छाड़ कर रेट कम कराए जाने के मामले की उच्चस्तरीय जांच में कई अफसरों का गला नप सकता है। जिन सड़कों के टेंडर में छेड़छाड़ की गई उनका निर्माण कौशाम्बी में होना था।
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इस मामले में शासन ने सख्त रुख अपनाया है। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए बनाए गए प्रहरी एप में छेड़छाड़ को बेहद गंभीर माना जा रहा है। इस मामले में अधीक्षण अभियंता को टेंडर कमेटी से बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह प्रतापगढ़ अधीक्षण अभियंता को टेंडर कमेटी में शामिल किया गया है। इतना ही नहीं प्रयागराज के एसई के प्रमोशन पर भी रोक लगा दी गई है।

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चहेतों को मनमानी तरीके से दिए गए टेंडर

एसई द्विवेदी ने बताया कि जब तक जांच प्रक्रिया चल रही है, तबतक के लिए उनको टेंडर कमेटी से बाहर किया गया है। सड़कों का जाल बिछाने के लिए विधान सभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले बीती 19 जनवरी को कौशाम्बी जिले में 41 सड़कों के लिए टेंडर कराए गए थे। करोड़ों रुपये की लागत वाली इन सड़कों के टेंडर को चहेतों को दिलाने के लिए अफसरों ने जमकर मनमानी की।


सड़क निर्माण में पारदर्शिता बरतने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रहरी एप से टेंडर डाले जाने की व्यवस्था की, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न होने पाए, लेकिन आरोप है कि टेंडर खोले जाने की निर्धारित तारीख से पहले ही अभियंताओं ने अपने चहेते ठेकेदारों के टेंडर के रेट में बदलाव कर दिया। आरोप है कि अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता के डिजिटल हस्ताक्षर वाले डोंगल को लगाकर चहेते ठेकेदारों के रेट में बदलाव किया गया। इससे कई टेंडर 21 से 20-19 प्रतिशत कम रेट पर आ गए।

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