बेटी ने ठुकराई तहरीर : अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने किया बरी, पिता पर केस दर्ज करने का आदेश
अपहरण और दुष्कर्म के मुकदमे में पीड़त किशोरी अदालत में बयान से मुकर गई। उसने पिता के द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे को गलत बताया। कहा कि न तो उसके साथ किसी ने रेप किया न ही अपहरण। परिवार के लोगों के द्वारा शादी का दबाव बनाने पर वह बुआ के घर चली गई थी। कोर्ट ने पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
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इलाहाबाद जिला न्यायालय ने तीन साल पहले पिता की तहरीर पर नाबालिग बेटी के अपहरण और दुष्कर्म का मुल्जिम बनाए गए युवक को बेगुनाह करार दिया और झूठा मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पिता के खिलाफ अपराधिक मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। यह फैसला पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायधीश सुशील कुमारी की अदालत ने पीड़िता के बयान के आधार पर सुनाया।
मामला प्रयागराज के खीरी थाना क्षेत्र का है। 17 दिसंबर 2021 को इटवा खुर्द निवासी एक पिता ने अपनी बेटी के अपहरण की एफआईआर फतेहपुर जिले के खागा निवासी नौशाद के खिलाफ दर्ज करवाई थी। कहा था कि उसकी बेटी 14 दिसंबर की शाम बाजार गई थी, लौटी नहीं। खोजबीन करने पर जानकारी हुई कि उसे नौशाद भागा ले गया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपी नौशाद के खिलाफ नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के साथ ही पॉक्सो एक्ट की धाराओं ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया, जिसका संज्ञान लेते हुए न्यायलय ने विचारण शुरू किया।
बेटी ने तहरीर के खिलाफ दिया बयान
विचारण के दौरान पिता ने अपनी तहरीर को पुष्ट किया तो बेटी ने उसके विपरीत बयान दर्ज करवाया। हालांकि, जिरह के दौरान पिता ने कहा कि नौशाद के खिलाफ उसने लोगो के कहने पर एफआईआर दर्ज करवाई थी। तहरीर किसी दूसरे ने लिखी थी उसने सिर्फ अंगूठा लगाया था। अदालत ने आरोपी युवक को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले से दोष मुक्त कर दिया और झूठी एफआईआर दर्ज करवाने के लिए नाबालिग के पिता के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दे दिया।
बेटी बोली- मां मर गई, दादी ने कहा शादी करा दो
पीड़िता बेटी बोली मां तो बचपन में ही मर गई थी। पिता ने दूसरी शादी की थी। दूसरी मां पालती पोसती है। मेरी शादी की इच्छा नहीं थी, दादी शादी के लिए कह रही थी, इसलिए गुस्सा होकर बुआ के घर गई थी। बेटी ने पिता की तहरीर को ठुकराते हुए कहा कि उसे न किसी ने भगाया था और न ही उसके साथ किसी ने जबरन शारीरिक संबंध बनाया है।