फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Teacher made principal without approval, deceased dependent appointed in his place

Prayagraj : बिना अनुमोदन शिक्षक काे बनाया प्रधानाचार्य, उनकी जगह मृतक आश्रित से की नियुक्ति

Sat, 10 Aug 2024 05:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 10 Aug 2024 05:24 PM IST
सार

संस्कृत विद्यालय में साहित्य विषय के सहायक अध्यापक पद पर शिवओम शरण मिश्र का चयन हुआ था। इस विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद खाली था। नियमानुसार प्रधानाचार्य के पद पर चयन होने तक उच्च अधिकारियों से अनुमोदन लेकर वरिष्ठ शिक्षक का कार्यभार दिया जा सकता है।

विज्ञापन
Teacher made principal without approval, deceased dependent appointed in his place
शिक्षक। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

हनुमत संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामबाग के शिक्षक को बिना अनुमोदन के प्रधानाचार्य बना दिया गया। उनको प्रधानाचार्य का वेतन भी दे दिया गया। इससे खाली हुए शिक्षक के पद पर मृतक आश्रित से नियुक्ति कर दी गई। अब इस मामले को संयुक्त शिक्षा निदेशक ने संज्ञान में लिया और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) से जवाब मांगा गया है।

विज्ञापन


संस्कृत विद्यालय में साहित्य विषय के सहायक अध्यापक पद पर शिवओम शरण मिश्र का चयन हुआ था। इस विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद खाली था। नियमानुसार प्रधानाचार्य के पद पर चयन होने तक उच्च अधिकारियों से अनुमोदन लेकर वरिष्ठ शिक्षक का कार्यभार दिया जा सकता है। कार्यभार देने के बावजूद उसका वेतन शिक्षक का ही रहेगा। लेकिन संस्कृत विद्यालय में बिना अनुमोदन शिवओम शरण मिश्र को प्रधानाचार्य बना दिया गया। फिर डीआईओएस ने उनको प्रधानाचार्य का वेतन भी जारी कर दिया।
विज्ञापन


उसके बाद रिक्त हुए साहित्य विषय के पद पर मृतक आश्रित कोटे से एक व्यक्ति की नियुक्ति कर दी गई। उस विद्यालय में साहित्य विषय का एक ही पद सृजित हैं लेकिन अब दो नियुक्ति हो गई है। इसकी जानकारी संयुक्त शिक्षा निदेशक दिब्यकांत शुक्ल काे हुई तो उन्होंने डीआईओएस से इस पर तीन दिन में जवाब मांगा है। उन्होंने पत्र में लिखा कि तदर्थ संस्थाध्यक्ष के रूप में शिवओम शरण मिश्र उच्चतर वेतनमान पाने के अधिकारी नहीं हैं। उनको अधिक वेतन देना वित्तीय अनियमितता है। यह शासकीय धनराशि की क्षति है। इसके उत्तरदायी डीआईओएस होंगे। वहीं डीआईओएस ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। अगर अनियमित वेतन भुगतान हुआ है तो उससे रिकवरी की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed