फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Swami Vasudevanand said: The importance of Shringaverpurdham is no less than Rameshwaram

स्वामी वासुदेवानंद बोले: श्रृंगवेरपुरधाम का महत्व रामेश्वरम, चित्रकूट व अयोध्या से कम नहीं, राम के पड़े थे चरण

Sat, 02 Nov 2024 06:26 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, श्रृंगवेरपुरधाम (प्रयागराज)
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रृंगवेरपुरधाम (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 02 Nov 2024 06:26 PM IST
सार

स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि श्रृंगवेरपुर धाम का भौतिक के बजाय पारंपरिक विकास होना चाहिए, जिससे यहां आने वाले लोगों के में श्रद्धा का भाव जागृत हो। उन्होंने कहा कि श्रृंग्वेरपुर आकर निषाद वंशजों और केवट से मिलने का सौभाग्य मिला, जिन्होंने भगवान श्री राम को गंगा के उस पार उतारा था।

विज्ञापन
Swami Vasudevanand said: The importance of Shringaverpurdham is no less than Rameshwaram
श्रृंगवेरपुर धाम में बोलते स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज। - फोटो : संवाद

विस्तार

स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि श्रृंगवेरपुर का महत्व किसी भी मायने में रामेश्वरम, चित्रकूट और अयोध्या से कम नहीं है। यहां पर भगवान श्री राम के चरण पड़े थे। भगवान राम अयोध्या से वन के लिए निकले तो सबसे पहले श्रृंगवेरपुर पहुंचे थे। वासुदेवानंद शनिवार को 35वें राष्ट्रीय रामायण मेला की कुशलता के लिए गंगा पूजन पूजन करने के लिए निषादराज की धरती पर पहुंचे थे। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि श्रृंगवेरपुर धाम का भौतिक के बजाय पारंपरिक विकास होना चाहिए, जिससे यहां आने वाले लोगों के में श्रद्धा का भाव जागृत हो। उन्होंने कहा कि श्रृंग्वेरपुर आकर निषाद वंशजों और केवट से मिलने का सौभाग्य मिला, जिन्होंने भगवान श्री राम को गंगा के उस पार उतारा था। कहा कि यदि श्रृंगवेरपुर नहीं होता तो दूसरे अन्य तीर्थ की स्थापना भी नहीं होती। उन्होंने चित्रकूट के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा बनाए जा रहे सेतु को देखकर प्रसन्नता जाहिर की।
विज्ञापन


इसके पूर्व वासुदेवानंद सरस्वती ने राष्ट्रीय रामायण मेला की कुशलता के लिए गंगा पूजन एवं दिव्य गंगा आरती की। गंगा पूजन कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। स्वस्तिवाचन एवं देव आह्वान के साथ भगवती गंगा की आराधना की गई। इस दौरान महंत कमल दास जी महाराज, वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने राष्ट्रीय रामायण मेला की कुशलता के लिए संतों संग गंगाजी का पूजन किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

Swami Vasudevanand said: The importance of Shringaverpurdham is no less than Rameshwaram
स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती का अभिवादन करते भक्त। - फोटो : संवाद।

इस मौके पर महंत कमल दास जी महाराज, श्रृंगवेरपुर पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचर्या स्वामी नारायणाचर्या शांडिल्य जी महाराज, माधव दास, संत रामानंद ने भगवती गंगा का पूजन एवं आरती कार्यक्रम सम्पन्न कराया। कमल दास महाराज ने कहा कि श्रृंग्वेरपुरधाम संतों की भूमि है। भगवान राम की कर्म भूमि होने से ईश्वर का हमेशा यहां वास रहता है।अध्यक्ष बालकृष्ण पांडेय, महामंत्री उमेश चंद्र द्विवेदी, उपाध्यक्ष सियाराम सरोज,जे एन यादव,बलराम सिंह आलोक तिवारी काली सहाय त्रिपाठी भीम दत्त पांडे पंकज पांडे सुरेंद्र मिश्र डा रमापति पूर्व प्रधान बबलू पांडेय बृजेश मिश्रा निर्मल बाबा विनय अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

अमित द्विवेदी ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए मेला को भव्यता के साथ कराए जाने और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत होने की बात कही है। अध्यक्ष बालकृष्ण पांडेय, महामंत्री उमेश चंद्र द्विवेदी, उपाध्यक्ष सियाराम सरोज, जेएन यादव, बलराम सिंह आलोक तिवारी काली साहय त्रिपाठी भीम दत्त पांडे पंकज पांडेय, सुरेंद्र मिश्र डॉ रमापति पूर्व प्रधान बबलू पांडेय बृजेश मिश्रा निर्मल बाबा विनय अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। निशादवंशज डॉ बी के कश्यप ने कहा कि हर सम्भव मदद की जाएगी। श्रृंग्वेरपुरधाम ही वह भूमि है जहाँ भगवती गंगा ने दो बार गंगा पूजन किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed