फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Subhash is the cashier of the mastermind, also accused in the Vyapam scam

Prayagraj News: मास्टरमाइंड का खजांची है सुभाष, व्यापम घोटाले का भी आरोपी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2024 02:19 AM IST
विज्ञापन
Subhash is the cashier of the mastermind, also accused in the Vyapam scam
आरओ-एआरओ परीक्षा के मास्टरमाइंड राजीव नयन की गिरफ्तारी के बाद अब उसके करीबी सुभाष प्रकाश की तलाश की जा रही है। वह राजीव नयन का खजांची है और मप्र के सबसे बड़े घाेटाले व्यापम का भी आराेपी है। सुभाष के पकड़े जाने के बाद ही पेपर लीक कांड के अन्य राज खुलने की बात कही जा रही है। फिलहाल, उसकी तलाश में एसटीएफ नोएडा से भोपाल तक जुटी है।
विज्ञापन

राजीव नयन से पूछताछ के बाद एसटीएफ ने गोंडा निवासी अमित सिंह को गिरफ्तार किया था। अमित ने ही इस बात का खुलासा किया था कि औद्योगिक क्षेत्र स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल में भी आरओ-एआरओ परीक्षा के अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाए गए थे। सूत्रों का कहना है कि अमित ने ही इस बात का भी खुलासा किया कि प्रकरण की साजिश में राजीव नयन का राजदार सुभाष प्रकाश है। वह मप्र के व्यापम घोटाले का भी आरोपी रह चुका है।
विज्ञापन

सुभाष मधुबनी बिहार का रहने वाला है, लेकिन पिछले कई साल से भोपाल में रहता है। यह बात भी सामने आई है कि वह राजीव नयन का खजांची है। उसके पैसों का पूरा हिसाब-किताब व इनवेस्टमेंट आदि का लेखाजोखा वही रखता है। भर्ती परीक्षाओं में सेंधमारी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद से ही राजीव नयन ने ही पूरा पैसा उसे सौंप दिया था। यहां तक कि वह सुभाष का ही एटीएम, क्रेडिट कार्ड लेकर घूमता रहता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


14 साल पहले बीटेक करने के दौरान हुई थी मुलाकात
सूत्रों के मुताबिक, मास्टरमाइंड राजीव नयन ने गिरफ्तार कर जेल भेजने से पहले पूछताछ में बताया है कि सुभाष प्रकाश से उसकी मुलाकात 14 साल पहले 2010 में हुई थी। तब वह भोपाल में स्थित सत्य साईं यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक कर रहा था। साथ ही वहीं महर्षि पतंजलि योग केंद्र के पास रहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात सुभाष प्रकाश व उसके दोस्त अतुल वत्स से हुई। दोनों भोपाल के विभिन्न कॉलेजों में रुपये लेकर एडमिशन कराने का काम करते थे। उन्होंने पैसे कमाने का लालच देकर राजीव नयन को भी मिला लिया। फिर एडमिशन रैकेट के बाद धीरे-धीरे पेपर लीक कराने में लग गए। उधर अतुल वत्स ने राजीव नयन की मुलाकात डॉ.शरद सिंह से कराई और फिर शरद के जरिये वह रवि अत्री से मिला, जो सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण के दो मुख्य अभियुक्तों में से एक है। फिलहाल, सुभाष व डॉ. शरद की नोएडा से लेकर भोपाल तक तलाश जारी है।


प्रयागराज लाया जा सकता है मास्टरमाइंड
मेरठ पुलिस ने रविवार को राजीव नयन को कस्टडी रिमांड पर लिया है। कोर्ट ने छह दिन के लिए उसकी कस्टडी रिमांड मंजूर की है। सूत्राें का कहना है कि राजीव को पीसीआर के दौरान रीवा व प्रयागराज लाया जा सकता है। दरअसल, प्रयागराज में आरोग्यम हॉस्पिटल व रीवा स्थित एक रिसॉर्ट में अभ्यर्थियों को पेपर रटवाने की बात सामने आई है। रीवा में सिपाही भर्ती, जबकि प्रयागराज में आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा का पेपर रटवाने का आरोप है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed