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बैंकों में हड़ताल, 150 करोड़ का लेनदेन प्रभावित

Wed, 23 Oct 2019 12:45 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 23 Oct 2019 12:45 AM IST
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Strike in banks, 150 crore transactions affected
Strike in banks, 150 crore transactions affected - फोटो : CITY DESK
बैंकों में हड़ताल, 150 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
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कर्मचारियों ने सरकार-प्रबंधन के खिलाफ बुलंद की आवाज
एसबीआई को छोड़कर अन्य सरकारी बैंकों में ठप रहा लेनदेन
त्यौहारी मौसम में शाखाओं में तालाबंदी से परेशान हुए लोग
प्रयागराज। विलय के विरोध समेत छह बिंदुओं को लेकर बैंक कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर रहे। इसकी वजह से एसबीआई को छोड़कर अन्य सरकारी बैंकों की ज्यादातर शाखाओं के शटर ही नहीं खुले तथा बैंकिंग कारोबार ठप रहा। अनुमान है कि इससे करीब 150 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर पूरे देश के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का पहले अपनी-अपनी शाखाओं पर जमावड़ा हुआ। वहां तालाबंदी सुनिश्चित कराने तथा धरना-प्रदर्शन के बाद जुलूस की शक्ल में वे संगम प्लेस स्थित पीएनबी शाखा के सामने जुटे। वहां आयोजित केंद्रीय सभा में कर्मचारियों ने सरकार और बैंक विरोधी नारे लगाए। कर्मचारियों ने बैंकों के विलय का जोरदार विरोध किया। बैंकों में घाटा के लिए उन्होंने सीधे तौर पर सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। कर्मचारियों का कहना था कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से बड़े-बड़े कर्जदारों से वसूली नहीं हो पा रही है, जो बैंकिंग सेक्टर के घाटा की मुख्य वजह है। उन्होंने वसूली के लिए ठोस कदम उठाने तथा चूककर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों ने सेवा शुल्क न बढ़ाने, रिक्त पदों पर भर्ती करने की भी मांग की। नेताओं ने मांग नहीं माने जाने पर और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। साथ में कर्मचारियों से भी इसके लिए तैयार रहने की अपील की।
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उधर, त्यौहारी मौसम में बैंकों में हड़ताल की वजह से व्यापारियों तथा आम लोगों की परेशानी बढ़ गई थी। लोग बैंकों में गए लेकिन निराश होकर वापस होना पड़ा। बच्चों के स्कूल की फीस भी जमा नहीं कर पाए। इस महीने में ज्यादातर स्कूलों में फीस जमा की जा रही है लेकिन रविवार के एक दिन बाद ही हड़ताल से लोग परेशान हुए। इसे देखते हुए कई विद्यालयों में फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी आगे बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों का दावा है कि हड़ताल से करीब 150 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। केंद्रीय प्रदर्शन में यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के संगठन मंत्री एसबी राय, सौरभ सिंह, अशोक कुमार श्रीवास्तव, एसबी दुबे, एके कपिला, संजय अग्रवाल, अवधेश पांडेय, मयंक मिश्रा, सुधीर अग्रवाल, क्षितिज पांडेय आदि शामिल रहे। इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा परिसर में आयोजित प्रदर्शन में संजय कुमार, सुधांशू वर्मा, राजेश कनौजिया, रिक्की कौशल आदि शामिल रहे।
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हड़ताल को अन्य संगठनों का भी समर्थन
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का एलआईसी कर्मचारियों, ट्रेड यूनियन ने भी समर्थन किया है। ट्रेड यूनियन के नेता हरिश्चंद्र द्विवेदी, एलआईसी के अविनाश मिश्र, सुभाष पांडेय, राजेश तिवारी आदि बैंक कर्मियों के धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने विलय तथा निजीकरण के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई की घोषणा की। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस की बैठक में रामसागर, नागेश्वर गिरी, अनु सिंह, मुस्तकीम अहमद, अवधेश यादव, समर सिंह आदि ने हड़ताल तथा बैंक कर्मचारियों की सभी छह मांगों का समर्थन किया।
नेताओं ने बंद कराईं कई शाखाएं
हड़ताल में सभी यूनियन शामिल नहीं थे। इसकी वजह से विजय बैंक की चौक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की लीडर रोड समेत कई शाखाएं सुबह खुलीं थीं। हालांकि कर्मचारी नेताओं की अपील के बाद कुछ देर में ही शाखाएं बंद कर दी गईं। कर्मचारियों ने कई निजी बैंक शाखाओं को भी बंद कराने की कोशिश की लेकिन उनकी अपील का बहुत असर नहीं दिखा।

फंस गए करोड़ों के चेक
बैंकों में हड़ताल की वजह से करोड़ों रुपये के चेक आदि फंस गए। एसबीआई तथा निजी बैंकों में हड़ताल नहीं थी लेकिन दूसरे बैंकों से संबंधित वहां के चेक से भी भुगतान नहीं हुआ। चेक के इमेज नहीं भेजे जा सके। अब बुधवार को उनकी क्लीयरिंग होगी।
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