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मजबूत बनाएं बेटियों का आत्मबल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 20 Aug 2015 01:33 AM IST
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इलाहाबाद। ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से बुधवार को शिवकुटी स्थित बीबीएस इंटर कॉलेज में आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में छात्र-छात्राओं के बीच क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज वीरेन्द्र कुमार मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने बेटियों के आत्मबल को मजबूत बनाने के लिए स्कूल प्रबंधन एवं अभिभावकों को सीख दी। कहा, बेटियों का आत्मबल मजबूत होगा तो वे किसी भी परेशानी का डटकर मुकाबला कर सकेंगी। घर एवं स्कूल में उन्हें ऐसे संस्कार दिए जाएं कि वे विषम परिस्थितियों का मुकाबला कर सकें।
बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा, पुलिस आपकी सहायता के लिए ही है परंतु उसकी एक सीमा है। सीमित संख्या बल के बीच हर जगह पुलिस की जरूरत पड़ती है। ऐसे में विद्यार्थियों को ऐसी सीख दी जानी चाहिए कि वे आने वाली हर विषम स्थिति का मुकाबला कर सकें। समाज में जागरुकता आई है, लेकिन सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था का पालन सुुनि्िश्चत कराने सहित नकल रोकने, यातायात नियमों का पालन कराने जैसे कामों में भी पुलिस की भूमिका बढ़ी है। आज व्यवस्था बनाने वाले कम, बिगाड़ने वाले अधिक होने से चुनौतियां बढ़ी हैं।
बाइक लेकर आने वाले बच्चों से ड्राइविंग लाइसेंस एवं हेलमेट के बारे में जानकारी हासिल करते हुए उन्होंने उनसे नियमों के पालन में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने यातायात के नियमों का बढ़ चढ़कर पालन करने सहित छात्रों को नियमों को तोड़ने वालों को समझाने की जिम्मेदारी भी दी। कहा, नियम तोड़ने वाले को पहले समझाएं, नहीं मामने की स्थिति में 100 नंबर डायल करके पुलिस से शिकायत करें। वैसे भी यदि उन्हें समाज में कहीं भी कुछ भी गलत दिखाई पड़े तो पुलिस को तत्काल सूचित करें।
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विद्यालय के प्रबंधक रणजीत सिंह ने बच्चों से ‘पुलिस की पाठशाला’ में मिली सीख को जीवन में उतारने के लिए कहा। उन्होंने क्षेत्राधिकारी एवं थानाध्यक्ष शिवकुटी पीके राय से विद्यालय छूटने के समय स्कूल की छात्राओं को तंग करने वाले अराजक तत्वों की निगरानी के लिए पुलिस की समुचित व्यवस्था की मांग की। अंत में प्रधानाचार्या सीमा रानी श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए पुलिस अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन शिक्षिका रश्मि शुक्ला ने किया।
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बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा, पुलिस आपकी सहायता के लिए ही है परंतु उसकी एक सीमा है। सीमित संख्या बल के बीच हर जगह पुलिस की जरूरत पड़ती है। ऐसे में विद्यार्थियों को ऐसी सीख दी जानी चाहिए कि वे आने वाली हर विषम स्थिति का मुकाबला कर सकें। समाज में जागरुकता आई है, लेकिन सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था का पालन सुुनि्िश्चत कराने सहित नकल रोकने, यातायात नियमों का पालन कराने जैसे कामों में भी पुलिस की भूमिका बढ़ी है। आज व्यवस्था बनाने वाले कम, बिगाड़ने वाले अधिक होने से चुनौतियां बढ़ी हैं।
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बाइक लेकर आने वाले बच्चों से ड्राइविंग लाइसेंस एवं हेलमेट के बारे में जानकारी हासिल करते हुए उन्होंने उनसे नियमों के पालन में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने यातायात के नियमों का बढ़ चढ़कर पालन करने सहित छात्रों को नियमों को तोड़ने वालों को समझाने की जिम्मेदारी भी दी। कहा, नियम तोड़ने वाले को पहले समझाएं, नहीं मामने की स्थिति में 100 नंबर डायल करके पुलिस से शिकायत करें। वैसे भी यदि उन्हें समाज में कहीं भी कुछ भी गलत दिखाई पड़े तो पुलिस को तत्काल सूचित करें।
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विद्यालय के प्रबंधक रणजीत सिंह ने बच्चों से ‘पुलिस की पाठशाला’ में मिली सीख को जीवन में उतारने के लिए कहा। उन्होंने क्षेत्राधिकारी एवं थानाध्यक्ष शिवकुटी पीके राय से विद्यालय छूटने के समय स्कूल की छात्राओं को तंग करने वाले अराजक तत्वों की निगरानी के लिए पुलिस की समुचित व्यवस्था की मांग की। अंत में प्रधानाचार्या सीमा रानी श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए पुलिस अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन शिक्षिका रश्मि शुक्ला ने किया।